04- अहियापुर स्थित ट्रांसफार्मर वर्कशॉप पर रखे गये खराब ट्रांसफार्मर।
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जौनपुर। बरसात शुरू होते ही ट्रांसफार्मर जलने का सिलसिला तेज हो गया है। पिछले माह में 535 ट्रांसफार्मर जले थे लेकिन इस महीने के छह दिनों में छह दिनों में ही 455 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। जिस तेजी से ट्रांसफार्मर जल रहे हैं, उस रफ्तार से मरम्मत नहीं हो रही है।
जिले में तकरीबन पांच लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को 48 हजार 700 ट्रांसफार्मर के जरिए विद्युत आपूर्ति की जाती है। बरसात से पहले विभाग ने ट्रांसफार्मरों की जांच नहीं कराई नतीजतन वे बारिश होने के बाद नमी के चलते फुंकने लगे हैं। जिले में 75 फीसदी ट्रांसफार्मर पुराने हैं, जो कई बार जल चुके हैं और काफी पुराने हैं। उनमें बारिश में नमी पकड़ लेती है और वे फुंक जाते हैं। जुलाई माह नें छह दिनों में नमी और अर्थिंग दुरुस्त नहीं होने के कारण 455 ट्रासंफार्मर जल चुके हैं। निमयानुसार इन को 48 घंटे में बदल देना चाहिए लेकिन एक जून को जले 80 ट्रांसफार्मर मरम्मत के इंतजार में हैं। ।
जिले में 75 फीसदी अधिक वेल्डिंग वाले पुराने ट्रांसफार्मर हैं, जिससे बारिश का पानी जाने से जल जाता है। जिसके कारण बारिश में ट्रांसफार्मर जलने की तादात काफी बढ़ जाता है। कार्यशाला की क्षमता एक दिन में 25 से 30 ट्रांसफार्मर बनाने की है। मरम्मत में देरी के कारण समय से ट्रांसफार्मर नहीं बदला पा रहा है। -एनके सिंह, सहायक अभियंता, वर्कशाप विद्युत।