जौनपुर। लोकसभा चुनाव में मतदान कराने के लिए जिले के 15202 कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इसमें सैकड़ों ऐसे लोग है जिनकी पहचान भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों के कार्यकर्त्ता के रूप में है। ऐसे में ऐसे लोगों पर मतदान के दौरान पार्टियों के पक्ष में मतदान कराने का आरोप लग सकता है। इनके अलावा तमाम कर्मचारियों डयूटी से बचने की जुगत में लग गए हैं।
जिले के दो लोकसभा क्षेत्रों जौनपुर एवं मछलीशहर में 12 मई को मतदान होना है। इसके लिए 3455 बूथ बनाए गए है। प्रत्येक बूथ पर चार- चार मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में तकरीबन तेरह हजार 820 के स्थान पर 15202 मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के अलावा, इंटरमीडिएट कालेज एवं प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। अध्यापकों तमाम लोग ऐसे हैं, जो भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस आदि राजनीतिक दलों से जुड़े हैं। सबसे अधिक ड्यूटी भाजपा नेताओं की लगी है। ऐसे में चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। चुनाव के दिन हंगामा के भी आसार हैं। एक भाजपा नेता जौनपुर सदर से विधानसभा का टिकट मांग रहे थे। वे मंडियाहूं इलाके के इटाएं में अध्यापक हैं। उनकी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई है। इसके अलावा तमाम ऐसे लोग हैं जो सांसदों, विधायकों के साथ साये की तरह रहते हैं। कई दलों में संगठन के पदाधिकारी भी है। टीडी इंटर कालेज में सोमवार से ट्रेनिंग शुरू होकर 12 अप्रैल तक चलेगा। इसी अवधि में ऐसे लोगों को चिहिंत कर डयूटी नहीं कांटी गई तो प्रशासन के लिए ऐसे लोगों की वजह से मुसीबत खड़ी हो सकती है। सूत्रों की मानें तो सरकारी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए तमाम बहाने करते हैं, कुछ इसमें सफल हो जाते हैं तो कुछ की बहानेबाजी पकड़ में आ जाती है। इस बार लोकसभा चुनाव में ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारी कई हथकंडों का सहारा ले रहे हैं।
चुनाव में जिनकी ड्यूटी लगाई गई है। उनका ट्रेनिंग टीडी इंटर कालेज में आठ से बारह अप्रैल तक होगी। कुछ लोगों के ड्यूटी काटने के आवेदन आएं है। किसी सिफारिश पर नहीं बल्कि मेडिकल आधार पर ऐसे लोगों को चुनाव से मुक्त करने पर विचार किया जाएगा।
गौरव वर्मा
मुख्य विकास अधिकारी