मल्हनी। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कालेज) सिद्दीकपुर में दंत रोग के मरीज बढ़ गए हैं। अस्पताल की रिपोर्ट को माने तो पिछले 21 दिनों में 390 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार बाहर का खाने-पीने और तंबाकू खाने वालों की संख्या इनमें अधिक है।
डेंटिस्ट डाॅ. नितिन ने जब लोग लगातार कार्बोनेटेड प्रोडक्ट का सेवन करते हैं, तो दांतों में सड़न की संभावना बढ़ जाती है। कई बार दांतों की नियमित सफाई न करने पर छोटी-मोटी दांतों से संबंधित समस्या उत्पन्न होती है। लोग सामान्य इलाज करा कर उसे गंभीरता से नहीं लेते और फिर जब अचानक दांतों में अत्यधिक पीड़ा होने लगती है तब मरीज चिकित्सक के पास पहुंचता हैं। जबकि एक सामान्य डेंटल चेकअप हर 6 माह पर कराते रहे तो दांतों की समस्या से दूर हो सकते हैं। मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज ज्यादातर तंबाकू सेवन करने वाले हैं। इन्हें पहले समझ नहीं आता लेकिन जब दांत खराब हो जाते हैं तो ये डाॅक्टर के पास आते हैं।इन बातों का रखे ध्यान: मसूडों से खून निकलना, मुंह से बदबू आना, दांतों में सड़न होना, दांतों में झनझनाहट होना, दांतों का हिलना जैसी समस्या 20 साल से अधिक उम्र वाले लोगों में देखने को मिल रहा है। भोजन करने के बाद मुंह को सामान्य पानी से जरूर धोएं, 24 घंटे में दो बार ब्रश जरूर करें व रात में सोने से पहले ब्रश करना जरूरी है, दांतों में भोजन के कण फंसे होने हैं, दिक्कत होती है, हर 6 माह पर डाक्टर से रुटीन चेकअप कराना चाहिए, लुभाने और भ्रामक टूथपेस्ट के प्रचार प्रसार से टूथपेस्ट का चुनाव करने से बचे, बाजारों में मिलने वाले चॉकलेट और अलग-अलग फ्लेवर की मिलने वाले प्रोडक्ट का सेवन कम से कम करें।