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कुल्हनामऊ में बन रहा 32 केएलडी का स्लज ट्रीटमेंट प्लांट

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आदि गंगा गोमती में जल प्रदूषण रोकने के लिए जिले एसटीपी का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि शहर में ऐसे भी कई घर हैं, जिनके सेप्टिक टैंकों के सीवरेज इस प्लांट से निस्तारित नहीं हो पाएंगे। ऐसे में इन घरों के सेप्टिक टैंकों के सीवरेज के निस्तारण के लिए कुल्हनामऊ में 32 केएलडी क्षमता के फीकल ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। अभी तक करीब 20 फीसदी प्लांट का निर्माण हो गया है। इस प्लांट से प्रतिदिन दो हजार घरों के सेप्टिक टैंक के सीवरेज का निस्तारण होगा।
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सवा तीन लाख की आबादी वाले शहर में तकरीबन 39 हजार मकान हैं। इन घरों से निकलने वाला गंदा पानी गोमती नदी में न गिरे, इसके लिए शहर के पंचहटिया में नमामि गंगे योजना और अमृत योजना के तहत 30 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए नमामि गंगे योजना के तहत 206 करोड़ और अमृत योजना के तहत 264 करोड़ की धनराशि स्वीकृत है। हालांकि शहर में ऐसे भी काफी संख्या में घर हैं, जिनके सेप्टिक टैंकों के सीवरेज इस प्लांट के जरिए निस्तारित नहीं हो पाएंगे। ऐसे में इसके लिए कुल्हनामऊ में पांच करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से 32 केएलडी (किलोलीटर प्रति दिन) क्षमता के फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था जल निगम को बनाया गया है। इस प्लांट का निर्माण दिसंबर माह से शुरू है। अभी तक 20 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो पाया है, जिसे अगस्त माह में पूरा होने की संभावना है।
फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता रोजाना दो हजार घरों के सेप्टिक टैंकों के सीवरेज निस्तारण की है। सेप्टिक टैंक से सीवरेज ले जाने के लिए सीवर वाहन लगाए जाएंगे। जो सेप्टिक टैंकों से सीवरेज ले जाकर प्लांट तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। सेप्टिक टैंकों से सीवरेज निकलवाने वाले संबंधित व्यक्ति को ढाई हजार रुपये शुल्क भी देना होगा। यह शुल्क नगर पालिका वसूलेगी।
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वर्जन...
एसटीपी की सुविधा से वंचित घरों के सीवरेज के निस्तारण के लिए कुल्हनामऊ में 31 केएलडी की क्षमता के फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। अभी तक 20 फीसदी प्लांट का निर्माण हो चुका है। निर्माण कार्य अक्तूबर माह में पूरा कर लिया जाएगा। - एसके गुप्ता, एक्सईएन, जल निगम।
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