डॉ. आलोक पालीवाल ने बताया कि इतनी सूक्ष्म काया वाले जीव में सर्जरी करना अत्यंत जोखिमपूर्ण था। जनरल एनेस्थीसिया की मात्रा जरा भी कम या ज्यादा होती, तो मिक्की की जान जा सकती थी। सावधानीपूर्वक डोज देने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया और 240 ग्राम का बड़ा ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया। ट्यूमर का आकार देख क्लीनिक में मौजूद सभी लोग चौंक गए। वर्तमान में मिक्की सर्जरी के बाद सूचर पर है और चिकित्सकीय देखरेख में पूरी तरह होश में है। डॉ. पालीवाल ने बताया कि 10 दिन में टांके हटा दिए जाएंगे, जिसके बाद मिक्की फिर से पहले जैसी सक्रिय जिंदगी जी सकेगा।