बक्शा। समाज में लोग अमीर या गरीब तो हो सकते हैं लेकिन कोई अछूत नहीं हो सकता है। स्वामी विवेकानंद ने छुआछूत के विरोधी थे। यह बात मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत कार्यवाह बांकेलाल ने शुक्रवार को मां गुजराती पीजी कालेज चुरावनपुर के प्रांगण में स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत विषय पर आयोजित गोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि शास्त्रों में कहीं भी छुआछूत का वर्णन नहीं है। शिकागो सम्मेलन में भारतीय होने के कारण विवेकानंद को अंत में बोलने का मौका दिया गया। परंतु स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व समुदाय का मन अपनी वाणी से जीत लिया। स्वामी विवेकानंद ने शिक्षित संगठित एवं संघर्ष करने का नारा दिया। अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रबंधक सूर्यप्रकाश बबलू ने कहा कि मात्र 39 साल में स्वामी विवेकानंद ने दुनिया में भारतीय संस्कृति की पताका फहराई। संचालन जिला बौद्धिक प्रमुख डॉ. शैलेंद्र उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में भाजपा बक्शा मण्डल अध्यक्ष अरुण कुमार उपाध्याय, शैलेंद्र दूबे, सूर्यप्रकाश चौबे, प्राचार्य डॉ. आलोक दूबे, डॉ. रीता अस्थाना, डॉ. नीतू श्रीवास्तव, स्वेता सिंह, गुलाब यादव, मनीष मिश्र, विजय बहादुर पाल आदि मौजूद रहे।