बरईपार। सिकरारा विकास खंड के नेवढ़िया गांव के लोगों ने बुधवार को सुबह करीब 50 छुट्टा मवेशियों को गांव के प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री के अंदर बंद कर गेट में ताला लगा दिया। सुबह स्कूल आए बच्चे और शिक्षकों ग्रामीणों ने अंदर नहीं जाने दिया। प्रधानाध्यापक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन गांव के लोग गेट खोलने को राजी नहीं हुई। इसे लेकर ग्रामीणों व पुलिस के बीच नोंकझोंक हुई। पुलिस, शिक्षक और बच्चे भी बैरंग लौट गए।
गांव में छुट्टा पशुओं की संख्या अधिक हो गई है। झुंड में चल रहे छुट्टा पशु जिधर से गुजरते हैं उधर फसलों को चौपट कर दे रहे हैं। ऐसे में परेशान किसान छुट्टा पशुओं को जगह जगह गांव के प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दे रहे हैं। अबतक अलग अलग 50 से अधिक गांवों में किसान छुट्टा पशुओं को विद्यालय में बंद कर चुके हैं। बुधवार को नेवढिय़ा गांव के लोगों ने छुट्टा पशुओं को एकत्र कर विद्यालय की बाउंड्री के अंदर बंद कर दिया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शिक्षक और 50 की संख्या में छात्र विद्यालय पहुंचे तो गेट में ताला बंद था और अंदर छुट्टा मवेशी बंद थे। यह देख शिक्षक और छात्र भी परेशान हो गए। आस पास मौजूद लोगों से लोगों ने गेट खोलने को कहा लेकिन गांव के लोग गेट खोलने को राजी नहीं हुए। प्रधानाध्यापक संदीप प्रजापति ने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी। खंड शिक्षा अधिकारी ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थानाध्यक्ष सिकरारा मौके पर पहुंचे। यहां विद्यालय गेट खुलवाने को लकर पुलिस और गांव के लोगों में नोंकझोंक हुई। बात बिगड़ती देख थानाध्यक्ष भी लौट गए। बेबस प्रधानाध्यापक और छात्र भी लौट गए। पाठशाला नहीं चली। ग्राम प्रधान राजेन्द्र यादव ने भी विद्यालय का गेट खोलवाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण उनकी भी सुनने को राजी नहीं हुए।