बक्शा के हयातगंज स्थित धर्मा देवी महाविद्यालय में सोमवार को अमर उजाला अपराजिता सजगता संगोष्ठी एवं आत्मरक्षा समारोह को संबोधित करते हुए पूविवि फार्मेसी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. झांसी मिश्रा ने कहा कि बेटियां अपने को कमजोर न समझे। उन्होंने कहा कि हर बेटी में ऐसा भाव होना चाहिए कि उन्हें कोई हरा नहीं सकता। जब ऐसा भाव होगा तो वह अपराजिता बनेंगी।
इस दौरान 300 छात्राओं ने अपराजिता का शपथ पत्र भरा। उन्होंने कहा कि जिंदगी में कभी हार नहीं मानना चाहिए। आपके अंदर जो ऊर्जा है उसे पहचानें। सफलता के लिए जीवन में तीन बातों का ध्यान रखें। गलत का विरोध करें, किसी भी काम को समर्पण के साथ करें और अनुशासित रहें। इस पर अमल कर हर बेटी अपराजिता बन सकती है। झांसी मिश्रा ने कहा कि अपराजिता की पहल एक अच्छी पहल है। इससे बेटियां में एक जज्बा और आत्मविश्वास पैदा होगा। उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि कहीं किसी से डरने की जरूरत नहीं है। कालेज के प्रबंधक विकास यादव ने कहा कि छात्राओं को झिझक छोड़ कर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को आत्म सुरक्षा के लिए ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। विकास यादव ने कहा कि अपराजिता जैसे कार्यक्रम इस दिशा में काफी मददगार साबित होगा। डा. विनीता श्रीवास्तव ने कहा कि छात्राएं अपने अंदर से डर निकाल दें। किसी भी चुनौती का साहस एवं हिम्मत से सामना कर अपराजिता बनें। शिकायत करने में संकोच न करें। खुलकर कोई भी बात हो तो परिवार एवं कालेज में बताएं। प्राचार्य डा. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि छात्राएं पढ़ाई करें और गलत के खिलाफ लड़ाई करें। उन्होंने कहा कि बेटी होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप किसी से डरें। इस मौके पर डा. नीलम श्रीवास्तव, नीरज यादव, अरविंद यादव, हरिशचंद्र यादव, रोहित यादव, सुनील मौर्य, अजय यादव, पुष्कर श्रीवास्तव, सुनील मौर्य, चंद्रकला पांडेय, स्मृति श्रीवास्तव, प्रवीण मिश्र आदि मौजूद रहें।