जौनपुर। डा. राम मनोहर लोहिया राजकीय महाविद्यालय मुफ्तीगंज में आयोजित विधिक साक्षरता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव लोकेश वरूण ने कहा कि कानून का ज्ञान होगा सामाजिक नियंत्रण की दिशा में एक कारगर कदम है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि कानून के ज्ञान संबंधित प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर कदम उठाया जाए। ज्ञान विवेक की जननी है। विवेक अच्छे उदाहरण को जन्म देता है। अच्छा आचरण अच्छे चरित्र का निर्माता है। अच्छा चरित्र एक व्यक्ति को अच्छा नागरिक बनाता है। तभी एक अच्छे समाज का गठन होता है।
अधिवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि संविधान प्रगति मौलिक घोषित करने की हम सरकार से मांग करते हैं जिससे कि शिक्षा में कानून संबंधित ज्ञान अनिवार्य रूप से हो सके। उन्होंने कहा कि देश में 10 हजार से अधिक कानून बन चुके हैं। जिसमें से चार हजार कानून ही उपयोग में लाए जा रहे हैं। जब भी कोई अपराधिक घटना घटित होती है तो विरोध में समाज द्वारा आवाज उठती है कि कठोर कानून बने, लेकिन देखा जा रहा है सिर्फ कानून बना देने से आपराधिक घटनाओं पर अंकुश नहीं लग रहा है। उन्होंने कहा कि अपराध और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने का एकमात्र उपाय है कि समाज को कानून के विषय में जानकारी दी जाए। समारोह का संचालन डा. रामकरन मिश्र ने किया। इस मौके पर उन्हें और आलोक राय को सम्मानित किया गया। छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और कानून से संबंधित नाटक प्रस्तुत किया। इस मौके पर दिनेश मौर्य, अभयराज प्रजापति, दिलीप मोदनवाल, महेंद्र यादव, पंकज सोनकर, डा. मुनीब शर्मा, आलोक राय, शिवपूजन गुप्ता, दिनेश मौर्य, मीना वर्मा, धर्मेंद्र नागर, अशोक त्रिपाठी, विशाल चौबे आदि उपस्थित रहे।