सतहरिया। मुंगराबादशाहपुर में शनिवार को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी जलसा खुशनुमा माहौल में हुआ। दो दिवसीय जलसे में पहले दिन विभिन्न अंजुमन कमेटियों ने नात पेश किया।
मछलीशहर रोड स्थित डॉ. मुस्ताक अहमद के आवास के पास से जुलूस निकाला गया। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ मुहल्ला सिपाह जाकर समाप्त हुआ। जुलूस के आगे अंजुमनें नातियां कलाम पढ़ते हुए चल रही थीं। जलसे में मंसूरी, हुसैनिया, गुलामे ए रसूल, दीनी सहित बारह से अधिक बाहरुनी व अंदरुनी अंजुमनों ने शिरकत की। हुसैनिया अंजुमन टीम में हारुन द्वारा पेश नात ‘आज आए नही, धरती बनी है दुल्हन सुनाया। मसूद भाई ने ‘नवी के सिवा कुछ हमारा नही’ इलमा सदफ ने ‘चांद है मदीने का अश्क का वो तारा’ पेश किया। बबलू ने भी नात पेश की। पूरे कस्बे में जगह जगह पर विभिन्न रोशनी कमेटियों के स्टाल व नात पेश करने वाले अंजुमन टीमों को पुरस्कार देकर नवाजा गया। अंजुमन बेलाल रोशनी कमेटी साहबगंज के गेट पर लगाएं गए राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा की एक स्वर से लोगों ने तारीफ की। विद्युत रांडों व टिमटिमाते रंग बिरंगे झालर मानों नूर की बारिश कर रहे हो। उसी के बीच देर रात तक समूचा कस्बा नवी नवी की धूम से गूंजता रहा।