जौनपुर। अब धान खरीद होने की तिथि तक किसान धान बेचने के लिए पंजीयन करा सकते हैं। इसके पहले सरकार ने पंजीयन की चार बार तिथि बढ़ाई। इसके बावजूद महज आठ हजार दो सौ किसानों ने पंजीयन कराया। पंजीयन कम होने को गंभीरता से लेते हुए शासन ने धान खरीद होने की तिथि तक अनवरत पंजीयन कराने की छूट दी है।
जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरु है। धान खरीदने के लिए कुल आठ एजेंसियों के 80 क्रय केंद्र खोले गए है। इनको 72 हजार 700 एमटी धान खरीद का लक्ष्य है। वहीं धान बेचने व खरीदने में किसी प्रकार की अनियमितता न होने पाए । इसके लिए सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों का ही धान खरीदने का निर्देश दिया है।साथ ही किसानों को किसी भी साइवर कैफे व सहज जन सेवा केंद्र आदि स्थानों से पंजीयन कराने की छूट दी गई है। इसके लिए अब तक चार बार तिथि निर्धारित की गई। चौथी बार अंतिम तिथि 15 नवंबर को समाप्त हो गई है। लेकिन काफी कम किसानों ने ही धान बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में कुल छह लाख 55 किसान हैं। जिनके द्वारा खेती किसानी का कार्य किया जाता है। लेकिन धान बेचने के लिए महज आठ हजार दो सौ किसानों ने ही अपना पंजीयन कराया है। शेष छह लाख 46 हजार 800 किसानों ने पंजीयन नहीं कराया है।
पंजीकृत किसानों को भेजा एसएमएस
जौनपुर। जिला खाद्य विपणन विभाग ने कृषि विभाग में 35 हजार 3449 पंजीकृत किसानों को एसएमएस भेजकर धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराने का अनुरोध किया है। इसके बावजूद किसानों ने पंजीकरण में रुचि नहीं ली। चार बार तिथि बढ़ने के बावजूद मात्र 8200 किसानों द्वारा धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया गया है।
किसान पंजीकरण कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसको देकते हुए पंजीकरण की अवधि बढ़ाई गई है। अब किसान धान बेचने के लिए अंतिम तिथि तक पंजीकरण करा सकते हैं। कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को भी एसएमएस भेजकर रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है।
महेश कुमार श्रीवास्तव
जिला खाद्य विपणन अधिकारी