जौनपुर। जिले की सीमा से होकर तकरीबन दो हजार ट्रकें हर रोज गुजरते हैं। इसमें से तकरीबन 300 ट्रकें ओवरलोड जा रहे है। परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं दलालों की सेटिंग की वजह से ऐसे ट्रकों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सोमवार को वाराणसी से लखनऊ जा रहे प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वत्रंत देव सिंह ने जौनपुर की सीमा में खुद नौ ओवरलोड ट्रकों का चालान कराकर इस बात की पुष्टि कर दी। विभागीय सूत्रों की मानें तो एक ट्रक की इंट्री 1800 से 2000 रुपये में एक माह के लिए दलालों के माध्यम से हो रही है। जिले में तकरीबन दो हजार ट्रकें इंट्री कराए हुए हैं। वैसे इस बात से एआरटीओ इंकार कर रहे है।
प्रदेश में योगी की सरकार बनने के बाद ओवरलोड ट्रकों की इंट्री बंद हो गई। चोरी- छिपे ओवरलोड ट्रक चलते थे। लेकिन एक साल बाद ही फिर इंट्री की खेल शुरू हो गई है। विभिन्न नामों से ट्रकों की इंट्री दलाल करा रहे है। परिवहन विभाग के अधिकारी ट्रकों की चेकिंग करते तो है। लेकिन जैसे ही ट्रक चालक इंट्री की बात करते उन्हें छोड़ दिया जाता है। उनके नंबर परिवहन विभाग के अधिकारियों की मोबाइल एवं लैपटाप में फिड रहता है। हाल के दिनों में जौनपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, भदोही, सोनभद्र, इलाहाबाद, गाजीपुर,वाराणसी में ट्रकों की इंट्री की खेल बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है। सभी जिलों में अलग- अलग रेट इंट्री के है। कहीं 1800 तो कहीं 2000 एवं 2200 रूपये प्रति ट्रक प्रति माह इंट्री हो रही है। ओवरलोड ट्रक ज्यादातर गिट्टी एवं बालू, सीमेंट, कोयला आदि में संचालित हो रहे है। कुछ माफिया ट्रकों को पास कराने के धंधे में जुटे है। परिवहन विभाग के अधिकारी भय वश इनसे नहीं उलझते।
जौनपुर। छह चक्के वाले ट्रक पर साढें अठारह टन, दस चक्के पर 28 टन, बारह चक्के पर 36 टन, 14 चक्के पर 43 टन वजन लेकर ट्रकों के जाने का नियम है। लेकिन स्थिति यह है कि 15 से 20 टन से अधिक वजन लेकर ट्रक संचालित हो रहे है। जिससे न केवल सड़के टूट कर खराब हो रही है। बल्कि सरकार को करोड़ों का चूना भी हर माह लग रहा है। निर्धारित वजन से अधिक होने पर प्रति टन एक हजार रूपये जुर्माना का नियम है।
ओवरलोड ट्रक जा तो रहे है। लेकिन उनका लोकेशन नहीं मिल पाती जिसकी वजह से उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। 70 से अधिक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उदयवीर सिंह
एआरटीओ प्रर्वतन/ प्रशासन