जलालपुर। शिक्षा के बिना मनुष्य वैसे ही अधूरा है। जैसे जल बिन मछली की स्थिति होती है वहीं स्थिति शिक्षा के बिना मनुष्य की होती है। उक्त बातें मुख्य अतिथि प्रधान परिवार न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी ने रविवार को बाबू बैजनाथ शिक्षण- प्रशिक्षण संस्थान छितौना में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर व कम्बल वितरण समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि आज लोगों के धैर्य की कमी की वजह से जो मामला गांव स्तर पर सुलझाया जा सकता है। वे मामले भी लोग कोर्ट आ रहे हैं। इसी का परिणाम है कि आज पति-पत्नी और पारिवारिक को लेकर करीब 65 हजार का विवाद न्यायालय में लंबित है। ऐसे मामले गांव व घर में बैठकर सुलझाया जाना चाहिए। इससे समय और पैसा दोनों लोगों का बचेगा। वहीं पर कोर्ट में मुकदमा भी कम हो जाएगा। एडीजे महेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों में संवेदनशीलता की कमी है। जिसके वजह से अनावश्यक विवाद बढ़ता है।आपसी विवाद को लोग आपस में ही सुलझा ले। ताकि उनको न्यायालय का चक्कर नहीं काटना पड़े। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव लोकेश वरुण ने कहा कि जिस समाज में कानून की जानकारी की जिज्ञासा जाग जाए। उसका कोई अहित नहीं कर सकता है।कानून की जानकारी सभी को होना बहुत जरुरी है।जानकारी के अभाव मे लोगों का शोषण होता रहता है।.केराकत क्षेत्र के विधायक दिनेश चौधरी ने कहा कि अन्नदान और वस्त्रदान सबसे बड़ा दान है। समाज सेवा की प्रेरणा पूरे परिवार को बाबू बैजनाथ प्रसाद से मिली है। इस दौरान प्रबंधक व आशिर्वाद हास्पिटल के चिकित्सक डा. विनोद कुमार व डा. अंजू सहित मुख्य अतिथि ने गरीबो को 400 कंबल का वितरण किया। इसके पूर्व सं्स्थान की बीटीसी बीएड छात्राओं नेहा सिंह प्रीति धर्मशिला नेहा ने सरस्वती बंदना,स्वागत गीत,व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।समारोह की अध्यक्षता डा. पीसी विश्वकर्मा व संचालन ओमप्रकाश चक्रवर्ती व मनोज वर्मा ने किया। इस अवसर पर सन्नो राय,चंदन राय,नीरज सिंह,मनोज मिश्रा, शेषनाथ मिश्रा, डा. सुरेश कन्नौजायां ,डा.बालकृष्ण आंनद, मो. असलम,राज बहादुर सिंह, राजाराम समेत आदि मौजूद रहे।