फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदकों की बढ़ी भीड़

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। पांच साल के बाद शस्त्र लाइसेंस पर रोक हटी है। कलेक्ट्रेट में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन जमा करने वालों की भीड़ बढ़ गई है। आवेदन पत्र भरने से लेकर शपथ पत्र तैयार करने के लिए फार्म विक्रेता सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार तक शस्त्र के लिए 2885 आवेदन पत्र जमा हो चुके हैं। जिले में 12415 शस्त्र लाइसेंसधारी हैं।
विज्ञापन

जिले में विगत पांच सालों में किसी भी व्यक्ति का नया शस्त्र लाइसेंस नहीं बना। पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारी शासन और कोर्ट की रोक का हवाला देकर शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत नहीं करते थे। लाइसेंस नहीं बनने की वजह से लोगों ने फार्म जमा करना भी छोड़ दिया था। यहां तक कि वरासत के आधार पर भी लाइसेंस देने में प्रशासनिक अधिकारी कोताही बरत रहे थे। सरकार ने 12 अक्तूबर को शस्त्र लाइसेंसों पर लगी रोक को हटा ली है। इसके बाद शस्त्र लाइसेंस लेने वालों के चेहरे खिल गए हैं। प्रशासन ने भी शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर रोज 150 से 200 आवेदन स्वीकार किए जाने लगे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2016 के बाद 1226 आवेदन पत्र शस्त्र लाइसेंस के लिए कार्यालय में पड़े हैं। इधर तकरीबन एक पखवारे में शुक्रवार तक 1659 लोगो ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन जमा किया है। लाइसेंस के लिए अभी से लोगों ने नेताओं और मंत्रियों की गणेश प्ररिक्रमा भी शुरू कर दी है। सांसद विधायक और सत्ताधारी दल के नेता भी अपने लोगों को कहने लगे हैं कि बहुत दिन बाद रोक हटी है। आप भी लाइसेंस ले लो। फार्म लेने, बयान हल्फी बनवाने और आवेदन की अन्य प्रक्रिया पूरी कराने के चक्कर में लोग पांच से सात तौ रुडपये भी खर्च कर रहे हैं। कई लोग तो एक एक परिवार के पांच से छह सदस्यों के आवेदन जमा कर रहे हैं।

90 फीसदी लोग चाहते हैं पिस्टल
जौनपुर। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों में 90 फीसदी लोग पिस्टर/रिवाल्वर लेना चाहते हैं। आठ फीसदी लोगों की चाहत राइफल की है। जबकि बंदूक लेने वालों की संख्या नहीं के बराबर पहुंच गई है। शस्त्र की चाहत में महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं हैं। तकरीबन 300 महिलाओं ने भी शस्त्र के लिए आवेदन पत्र जमा किया है।
विज्ञापन


शासन ने रोक हटा लिया है। अभी आवेदन पत्र लोग जमा कर रहे हैं। जिसकी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यवाही होगी। अभी तक कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन

रमेश प्रसाद मिश्र
एडीएम वित्त एवं राजस्व
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें