खुटहन। श्री नारायण रामलीला समिति डिहियां में भगवान श्रीराम का अवतरण होते ही पूरा पंडाल जयकारे से गूंज उठा। इस दौरान नारद मोह से लेकर रामजन्म तक की लीला का मंचन हुआ।
पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद मानव स्वरूप में भगवान अवतरित हुए तो महाराज दशरथ, सभी रानियां और प्रजा में खुशियां छा गईं। दर्शक दीर्घा में बैठी महिलाएं भी सोहर गाना शुरू कर देती है। भगवान की बाल लीला देख दर्शक खूब तालियां बजाते हैं। पिता से आज्ञा लेकर भगवान राम गुरू विश्वामित्र के साथ वन में आ जाते हैं। विश्वामित्र उनको अस्त्र शस्त्र की शिक्षा में पारंगत कर देते हैं। साधु संतों की रक्षा करते हुए प्रभु ने ताड़का, सुबाहु और वज्रदंत जैसे राक्षसों का संहार किया। वहीं मामा मारीच को बाण के प्रहार से सौ योजन दूर भगा दिया। लीला का संचालन राकेश मिश्रा ने किया। इस मौके पर राजेश मिश्रा, रामजी मिश्रा, हृदय नारायण सिंह, ईशनारायण सिंह, अमित सिंह, नरेन्द्र सिंह, अंकित, रजनीश आदि मौजूद रहे।