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आरोपी को पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड

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जौनपुर। खुटहन थाना क्षेत्र निवासी युवती से छेड़खानी करने एवं विरोध पर चाकू से मारकर घायल करने के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र सिंह ने मंगलवार को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
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खुटहन थाना क्षेत्र निवासी युवती के भाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 21 सितंबर 2013 को युवती घर में सोई थी। करीब बारह बजे रात आरोपी अनीश निवासी भटपुरवा आकर उसे दबोच लिया। उसके गले पर चाकू व मुंह पर दुपट्टा लगा कर गालियां व धमकी देते हुए डेढ़ सौ मीटर दूर जबरन खेत में ले जाकर गलत काम करने की कोशिश की। विरोध करने पर जान से मारने की नियत से चाकू से मार कर उसे घायल किया। उसे मरा समझकर आरोपी भाग गया। होश में आने पर वह घर आई और आप बीती बताई। मेडिकल में युवती के शरीर पर 34 चोटें थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्क व पत्रावली पर उपलद्ध सबूतों का अवलोकन के बाद आरोपी अनीश को हत्या के प्रयास,छेड़खानी, गालियां व धमकी देने दोषी पाते हुए सजा सुनाया।

जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के नेवादा मुखलिसपुर निवासी अनुसूचित जाति के व्यक्ति को मारने-पीटने, रुपए व मोबाइल छीनने के चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर थानाध्यक्ष के खिलाफ सीजेएम ने प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है। आरोपियों भी मुकदमा किया जाएगा।
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पृथ्वीराज निवासी नेवादा मुखलिसपुर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि चार जून 2018 को दस हजार सात सौ रुपये लेकर साइकिल से ईंट भट्ठे पर जा रहा था। पहले से घात लगाए बैठे आरोपी उस पर टूट पड़े। उसे मारते पीटते हुए गालियां दी, जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। मोबाइल व रुपए छीन लिए, साइकिल तोड़ दी। जान से मारने की धमकी दी। थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराने गया तो थानाध्यक्ष सुनील दत्त ने न तो मेडिकल कराया और न रपट लिखी। उसने अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग, डीजीपी, मानवाधिकार आयोग में भी गुहार लगाई। कोई सुनवाई नहीं हुई तब उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।

जौनपुर। डकैती व हत्या के प्रयास के आरोप में बंद आरोपी ने लाकप इंचार्ज समेत तीन लोगों के खिलाफ पेशी में सुविधा के नाम पर रुपए मांगने एवं न देने पर मारने पीटने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सीजेएम कोर्ट ने तीनों आरोपियों पर वाद दर्ज किया तथा थाने से रिपोर्ट तलब की।
बैजनाथ निवासी कादीपुर, सुलतानपुर ने कोर्ट में दरखास्त दिया कि वह बक्सा के हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं के मुकदमे में जेल में निरुद्ध है। 21 अगस्त 2018 को द्रुतगामी न्यायालय द्वितीय कोर्ट में उसकी पेशी थी। उसे जेल से दीवानी न्यायालय लॉकअप लाया गया। लॉकप में लाकप इंचार्ज व दो अन्य ने उससे एक हजार रुपये पेशी में सुविधा के नाम पर मांगे। न देने पर बुरी तरह से मारा पीटा तथा गालियां दी। उसे भागता हुआ दिखाकर एनकाउंटर करने की धमकी दी। उसके शरीर में आई चोटों का जिला कारागार में इलाज चला। उसने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया। यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट में पेशी में सुविधा के लिए एक हजार रुपये बंदियों से लिए जाते हैं। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। उच्चाधिकारियों को भी उसने प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कुछ बाहुबली और माफिया उसकी जान के दुश्मन हैं। उनके इशारे पर उस पर अत्याचार किया जाता है।उसने लाकप इंचार्ज व आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। कोर्ट ने वाद दर्ज किया है।
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