जौनपुर। शहर का गंदा पानी अब गोमती में नहीं गिरेगा। नालों के गंदे पानी को शुद्ध कर खेतों की सिंचाई के काम में लाया जाएगा। इसके लिए शहर क्षेत्र में अमृत मिशन के तहत 302 करोड़ 83 लाख 44 हजार रुपये की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही सीवर पाइप लाइन बिछाने व सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू होगा।
39 वार्ड वाले जौनपुर शहर क्षेत्र की आबादी तीन लाख से अधिक की है। शहर क्षेत्र में कुल 31 नाले हैं। इन नालों सेे शहर क्षेत्र का एक दिन में 20 मिलियन लीटर गंदा पानी गोमती नदी में गिरता है। जिससे गोमती का पानी भी दूषित हो गया है। नालों का गंदा पानी गोमती नदी में जाने से रोकने के लिए अमृत मिशन के तहत प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव के प्रयासों से इसको मंजूरी मिल गई। इसके तहत अब नालों के गंदे पानी को शुद्ध करके सिंचाई के उपयोग में लाया जाएगा। इसके लिए जल निगम ने अमृत योजना के तहत सीवरेज परियोजना में पूरे शहर में 160 किमी. पाइप बिछाने और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए 386 करोड़ रुपये का स्टीमेंट शासन को भेजा था। जिस पर शासन ने इस सीवर परियोजना के लिए 302 करोड़ 83 लाख 44 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत शहर के सभी नाले और नालियों को सीवर से इंटर कनेक्ट कर गंदा पानी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में लाया जाएगा। जहां गंदे पानी को शुद्ध कर खेतों की सिंचाई में उपयोग किया जाएगा।
जौनपुर। पंचहटिया में लगने वाले इस सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता एक दिन में 30 मिलियन लीटर गंदा पानी शुद्ध करेगा। जबकि इस समय शहर क्षेत्र में एक दिन में कुल 20 मिलियन लीटर गंदा पानी निकलता है।
जौनपुर। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करने के लिए भूमि का चयन पहले ही कर लिया गया है। इसके लिए नगर पालिका की ओर से पंचहटियां में पांच हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई है। जिसमें प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
शहर का गंदा पानी गोमती में गिरने से रोकने और इस पानी का उपयोग करने के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट व पाइप बिछाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसको मंजूरी मिल गई है। पैसा आते ही टेडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- एके सिंह, एक्सईएन, निर्माण खंड जल निगम
बदलापुर/घनश्यामपुर। जिला पंचायत ने घनश्यामपुर बाजार में बड़ेरी रोड के पास से उत्तर तरफ बाजार के अंत तक 8.80 लाख की लागत से इंटरलाकिंग कराई जानी थी। इसका 17 जुलाई को टेंडर प्रकाशित कराया था। राज्य वित्त आयोग योजना के तहत यह काम कराया जाना था। ग्राम प्रधान मीना सेठ को जानकारी मिली कि अब यह काम नहीं कराया जाएगा। उसे कार्ययोजना से बाहर कर दिया गया। गत वर्ष भी टेंडर के बाद कार्य नहीं कराया गया। हल्की बारिश के बाद कस्बे में कीचड़ तथा जलभराव हो जाता है। इस रास्ते से गुजरने वालों के लिए भारी समस्या बनी रहती है। समस्या से निजात पाने के लिए क्षेत्रपंचायत सदस्य काजू अग्रहरि , दीपक जायसवाल , लोलारक तिवारी, राघवेंद्र सेठ आदि ने बदलापुर के बीडीओ से क्षेत्रपंचायत मद से कस्बे में इंटरलाकिंग का कार्य कराए जाने की मांग की है।