जौनपुर। सुजानगंज क्षेत्र के सई नदी पर बने क्षतिग्रस्त धीरदास पुल का निरीक्षण करने गए सेतु निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में मुंगराबादशाहपुर की बसपा विधायक सुषमा पटेल के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विधायक सुषमा पटेल इस मामले में पुलिस के हाईकोर्ट में वाद दायर करने की तैयारी कर रही हैं। अन्य दलों के लोग भी विधायक सुषमा पटेल के समर्थन में आ गए हैं।
इलाहाबाद- गोरखपुर मार्ग पर चार सितंबर को सेतु निगम के अधिशासी अभियंता राधाकृष्ण लखनऊ से आए सेतु विशेषज्ञ के साथ धीरदास पुल का निरीक्षण करने गए थे। जहां भाजपा नेता और पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी एवं बसपा विधायक सुषमा पटेल के बीच कहासुनी हो गई। सुषणा पटेल पूर्व विधायक के समर्थकों पर अभद्रता और गाली -गलौज करने का मुकदमा सुजानगंज थाने में दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया। लगभग तीन घंटे तक प्राथमिकी दर्ज करने के लिए धरना देती रहीं। सीओ बदलापुर सौम्या पांडेय एवं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय राय की मौजूदगी में एसओ ने उनकी तहरीर पर मुहर लगाकर और एफआईआर नंबर 140/18 डालकर उन्हें रिसीविंग दे दी। पुलिस पर विश्वास कर विधायक सुुषमा पटेल घर चली गई। बाद में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं किया। इस मामले को लेकर पुलिस की भद्द पीट रही है। बसपा सहित कई दल के नेता इस मसले को लेकर लामबंद होने लगे है। पुलिस ने विपक्षी दलों के नेताओं बैठे-बैठाए मुद्दा थमा दिया है। चारों तरफ से इस मामले में किरकिरी होने के बाद अब पुलिस जांच का बहाना बनाकर मामले की लीपापोती में जुटी हुई है।
भाजपा के राज में एक विधायक को न्याय नहीं मिल रहा तो जनता के साथ क्या हो रहा होगा। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने के लिए हाईकोर्ट में वाद दायर करूंगी। कारण जब मुझे पुलिस मेरे आवेदन पर क्राइम नंबर झूठा लिखकर दिया है। इसकी सूचना एसपी से लेकर एडीजी तक को दी गई है। वीडियो रिकार्डिंग भी है। जो इस बात का प्रमाण है कि लोगों ने मेरे और सेतु निगम के अधिकारियों के साथ अभद्रता की है।-सुषमा पटेल, विधायक मुंगराबादशाहपुर