जौनपुर। विधायक मुंगराबादशाहपुर सुषमा पटेल की तहरीर पर पुलिस ने अपराध संख्या लिखने के बाद भी केस दर्ज नहीं किया। दबी जुबान से पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस दर्ज हो रहा था। उसी दौरान पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी आ गई। इस वजह से मामला दर्ज नहीं हुआ। जो भी हो, इस मामले को लेकर विधायक मुंगराबादशाहपुर सुषमा पटेल गुरुवार को एसपी से मिली। उन्होंने चेताया कि केस दर्ज नहीं हुआ तो विशेषाधिकार हनन का मामला विधानसभा में उठाऊंगी।
इलाहाबाद-गोरखपुर मार्ग पर सुजानगंज इलाके में धीरदास पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पुल को लोगों के आने जाने पर रोक लगा दी गई थी। चार सितंबर को सेतु निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी पहले से मौजूद थी। इस दौरान अधिकारियों को उन्होंने फटकार लगाई। दो घंटे बाद स्थानीय विधायक सुषमा पटेल भी पहुंच गई। जहां उनके साथ अभद्रता की गई। सुषमा पटेल ने थाने पहुंचकर एसओ को तहरीर दी। जिसमें पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी और उनके 40-50 समर्थकों पर अभद्रता और गाली गलौज करने का आरोप लगाया। केस दर्ज कराने के लिए विधायक तीन घंटे तक थाने में बैठी रहीं। सीओ बदलापुर सौम्या पांडेय और अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार राय भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने विधायक की तहरीर पर रिसिविंग देकर एफआईआर नंबर 140/18 समय 6-40 बजे डालकर मुहर लगाकर विधायक को दे दिया और कहा कि केस दर्ज हो गया है। कॉपी सुबह भेजवा दी जाएगी। उसी दौरान पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी भी समर्थकों सहित पहुंच गई तो पुलिस अधिकारी उनके मान मनौवल में लग गए और विधायक की तहरीर पर केस दर्ज नहीं हुआ। इस मामले को लेकर गुरुवार को सुषमा पटेल एसपी से मिली और शिकायत की। एसपी ने कहा कि जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के बाद केस दर्ज कराया जाएगा। उधर, आठ लोगों ने विधायक सुषमा पटेल के खिलाफ भी तहरीर दी है। वैसे पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी का कहना है कि जिन आठ लोगों ने तहरीर दी। है। उनसे उनका कुछ लेना देना नहीं है। वह पार्टी के कोई पदाधिकारी नहीं हैं, न ही मेरे करीबी हैं। उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ होगा तो उन्होंने तहरीर दी होगी। इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे प्रयास से पुल पर आवागमन शुरू हो गया है। यह बात क्षेत्रीय विधायक को पच नहीं रही है। वह खुद श्रेय लेना चाहती हैं। जबकि जनता जानती है कि किसके प्रयास से ऐसा हुआ है।