जौनपुर। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए गुरु के आशीर्वाद की जरूरत होती है। गुरु के आदेश, निर्देश जीवन को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उच्च पद पर जो भी लोग आसीन हुए हैं उनके पीछे गुरु का आशीर्वाद रहा है। प्रशासनिक सेवा में शामिल लोगों ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि गुरु के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है।
जलालपुर क्षेत्र के हुंसेपुर गांव निवासी अपर मुख्य सचिव पद से अवकाश ग्रहण कर चुके सदाकांत शुक्ल का कहना है कि गुरु के आशीर्वाद से ही जीवन की राह मिलती है। प्राथमिक विद्यालय हुंसेपुर से प्राथमिक शिक्षा और कक्षा से छह से आठ तक की पढाई जूनियर हाईस्कूल नेहरू नगर से ग्रहण किया। कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई टीडी कालेज से की। उनका कहना है कि गुरुओं की प्रेरणा से ही वे प्रशासनिक सेवा की ओर उन्मुख हुए और 1983 में आईएएस में चयन हुआ। उन्हें प्रदेश में पहला स्थान मिला था। वे एसडीएम मुसाफिर खाना, डीएम सिद्धार्थ नगर, डीएम गोंडा और डीएम लखनऊ के पदों पर तैनात रहे। वर्ष 2001 में इलाहाबाद महाकुंभ का आयोजन की जिम्मेदारी स,रकार ने दी। गृहमंत्रालय में संयुक्त सचिव, प्रमुख सचिव आवास और लोक निर्माण अपर मुख्य सचिव पद पर तैनात रहे। वे अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरु रामचंदर चौबे, श्रीनिवास शुक्ल और रविद्रनाथ उपाध्याय को देते हैं।
मछलीशहर तहसील के कटका गांव निवासी परमहंस मिश्र डिप्टी एसपी पद से रिटायर हुए। उनका कहना है कि गुरु का आशीर्वाद मिलने पर कोई काम असंभव नहीं रहा जाता है। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय अधकचा और जयहिंद इंटर कालेज तेजीबाजार से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। यूइंग क्रिश्चियन कालेज इलाहाबाद से बीएससी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ई पूरी की। वर्ष 1981 में पुलिस में भर्ती हुआ। 1996 से 2013 कर कई थानों पर इंस्पेक्टर और 2013 से 3017 तक भदोही में डिप्टी एसपी रहे। जयहिंद इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रमाशंकर मिश्र ने आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
बदलापुर के कमलापुर निवासी विजय प्रताप यादव बलिया जनपद के सिकंदरपुर सर्किल में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर तैनात हैं। विजय प्रताप यादव प्रदेश सरकार द्वारा गोकुल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय से पूरी हुई। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई गणेशराम इंटर कालेज बटाऊबीर से की। राजा हरपाल पीजी कालेज सिंगरामऊ से स्नातक की परीक्षा पास की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पीजी की डिग्री हासिल की। आज वह एसपी के पद पर तैनात है। उनका कहना है कि गुरु की भविष्य का निर्माता होता है।
बदलापुर के सुलतानपुर गांव निवासी दिव्यकांत शुक्ल माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में सचिव हैं। उनकी उनकी प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय उदपुर गेल्हवा से हुई। रामजानकारी विद्यालय सरोखनपुर से हाईस्कूल और सल्तनत बहादुर इंटर कालेज से बारही की शिक्षा पूरी की। यहीं डिग्री कालेज से बीए की शिक्षा ग्रहण की। स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान उनकी चयन बीएसए के पद पर हो गया। वह अपने पिता को ही अपना गुरु मानते हैं। जिन्होंने एक शिक्षक के रूप में मार्ग दिखाया।
फत्तूपुर गांव निवासी संतोष सिंह वर्तमान में जनपद चंदौली में पुलिस अधीक्षक के पद पर पर तैनात है। पूर्व प्राचार्य डा. एसपी सिंह के पुत्र संतोष सिंह की शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से हुई। बचपन से ही वह लगनशील थे। उनका कहना है कि गुरू ही निर्माता, पालक तथा संहारक होता है। इन्हीं गुणों के कारण ही उसे परमब्रम्ह कहा गया है। गुरू हर व्यक्ति के भीतर संस्कारों का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि गुरुओं के आशीर्वाद से ही उन्होंने मुकाम हासिल किया है।