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10 टन क्षमता वाली सड़क पर दौड़ रहे 30 टन भार के वाहन

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मीरगंज। सड़क की क्षमता दस टन की है लेकिन पुलिस की कृपा से 30-40 ट्रक भार लेकर ट्रक धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। इसके चलते सड़क टूट कर गड्ढे में तब्दील हो गई है और हादसे का सबब बन गई है।
मछलीशहर- जंघई मार्ग की मरम्मत आठ करोड़ रुपये खर्च करके दो साल पहले हुई थी, जो अब गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है लेकिन धड़ल्ले से ऐसे वाहन चल रहे हैं। यह दुर्दशा अकेले मछलीशहर-जंघई मार्ग की नहीं है बल्कि अन्य कई ऐसी सड़कें हैं जिनपर क्षमता से अधिक भार लादे वाहन फर्राटे भर रहे हैं।
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मछलीशहर से जंघई जाने वाली सड़क की मरम्मत वर्ष 2016 में हुई थी। इसके पहले करीब तीन साल तक सड़क की दशा ऐसी हो गई थी कि लोग रास्ता बदल कर आने जाने लगे थे। 8 करोड़ 77 लाख की लागत से सड़क मार्च 2016 में बनकर तैयार हुई तो लोगों को लगा कि अब मछलीशहर से जंघई तक का आवागमन आसान हो जाएगा। लेकिन इसी रोड से भारी वाहनों का संचालन शुरू हो गया। फूलपुर के पास ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू होने के चलते इलाहाबाद से जौनपुर आने जाने वाले भारी वहानों को इसी सड़क से मोड़ दिया गया। जिसका खामियाजा यह हुई कि दूसरे साल में ही सड़क टूटने लगी। सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। सिंगल रोड होने के कारण कई स्थानों पर भारी वाहनों के आमने सामने होने पर किसी न किसी वाहन को कच्ची पटरी पर उतरना होता है।जिससे चलते बारिश में कच्ची पटरी पर गड्ढे बने और अब सड़क पर भी कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। जमुहर, बंधवाबाजार, बरावा, जगदीशपुर, गोधना, मोलनापुर, चौकीकला, बभनियांव के पास सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। अवर अभियंता ओपी प्रसाद का कहना है की दस टन की छमता वाली सडक पर तीस टन वजन के वाहन दौड़ रहे है। जिसके कारण सड़क टूट रही है। सड़क का फोरलेन मे जाने की सैद्धांतिक सहमति मिल गयी है।
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भारी वाहनों के चलते कई लोगों की जा चुकी है जान
मीरगंज। मछलीशहर जंघई सड़क की चौड़ाई कम होने व ओवरलोड वाहनों के कारण इस मार्ग पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं। चौकीकला, मौलनापुर, गोधना, जमुहर, कोटवा में सड़क हादसों के विरोध मे कई बार चक्का जाम हो चुका है। ब्लाक कार्यालय के समीप ट्रेलर कीबजपेट मे आने से एक ही परिवार के तीन की मौत हो चुकी है। लोगो ने डीएम जौनपुर से भी पटरी की इण्टरलाकिंग कराने की मांग की थी जिस पर डीएम ने एक्सीईयन पीडब्लुडी से सडक पटरी सही कराने का निर्देश भी दिया है। लेकिन आज तक कहीं भी इस सड़क की पटरी को इंटरलाकिंग नहीं किया गया।
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