जौनपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो ग्रामीण इलाकों में दी जाने वाले ई-पॉश मशीन रेटिना भी पढ़ सकेंगी। नगरों को मुहैया कराई गई मशीन महज फिंगर प्रिंट ही लेती है। जिसमें पहचान पुख्ता कराने में कई बार दिक्कत आती है।
जिले में सस्ते राशन की 2125 दुकानें है। अंत्योदय कार्ड धारक 1,25,472 हैं। इसके अलावा पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों की संख्या 6,36,175 है। राशन वितरण प्रणाली में धांधली चरम पर है। इसे रोकने के लिए कई प्रयास किया गया लेकिन कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी। अब इस प्रक्रिया में ई-पॉश मशीन भी जुड़ गई है। फिलहाल नगर में सभी 99 कोटेदारों के पास ई-पॉश मशीनें हैं जिसमे फिंगर प्रिंट लेने की सुविधा तो है। लेकिन कई तरह की दिक्कतें भी आ रही हैं। इसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाली ई-पॉश मशीनों में बदलाव कर दिया गया। इस लिहाज से आपूर्ति कार्यालय के इंस्पेक्टरों को मशीन के सही प्रयोग को लेकर ट्रेनिंग दी गई है। वैसे ई-पॉश मशीन के प्रयोग के बारे में कोटेदारों को अभी ट्रेंड नहीं किया गया है। डीएसओ अजय प्रताप सिंह का कहना है कि रेटिना पढ़ने वाली मशीनें महज ग्रामीण इलाकों के लिए हैं। ग्रामीण एरिया में राशन लेने के लिए लोगों को घर से दूर जाना पड़ता है। इस सुविधा से बुजुर्गों को काफी सहूलियत होगी। अभी मशीनें आई नहीं है।