जौनपुर। जिले में अभी तक 31 लोहिया आवास पूरे नहीं हो पाए हैं। इसके पीछे कारण यह है कि जांच में 20 अपात्र पाए गए हैं और पांच में जमीन विवाद है। जबकि छह आवास के लाभार्थियों को दूसरी किश्त नहीं मिली है। विभाग की माने को अपात्रों से धनराशि वसूली की कार्रवाई की जा रही है। जबकि छह आवासों की दूसरी किश्त नहीं आई है। दूसरी किश्त आते ही वे बनकर तैयार करा दिए जाएंगे।
जिले में गरीबों को छत उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 में लोहिया ग्रामीण योजना के तहत कुल 1229 आवास बनना था। इसके लिए लाभार्थियों का चयन कर उनको आवास का लाभ देने का कार्य प्रारंभ किया गया। इस दौरान 1198 आवास बनवा दिए गए लेकिन 31 आवास अभी तक नहीं बन पाए हैं। इसमें खुटहन ब्लाक में 11, रामनगर ब्लाक में एक, धर्मापुर ब्लाक में पांच, सिरकोनी ब्लाक में तीन, मड़ियाहूं ब्लाक में पांच, बरसठी ब्लाक में दो, रामपुर ब्लाक में चार आवास अभी तक पूरे नहीं हैं। जब चालू वित्तीय वर्ष में इसकी जांच कराई गई तो लगभग 28 आवास अपात्रों को दिया गया, पाया गया। वहीं, पांच आवास ऐसे लाभार्थियों को दिया गया, जिनका भूमि विवाद चल रहा है। इससे इन आवासों को पूर्ण नहीं कराया जा सका है। बल्कि इनसे धनराशि की रिकवरी करने की कार्रवाई की जा रही है। छह आवास के लिए शासन से धनराशि नहीं मिल पाई है। शासन से धनराशि आते ही उनको बनवा दिया जाएगा।
जो लोहिया आवास अभी तक नहीं बन पाए हैं। उसमें कई आवास अपात्रों को दे दिया गया है तो कई जमीन विवाद के कारण नहीं बना पाए हैं। अपात्रों से धनराशि की वसूली करने की कार्रवाई की जा रही है। - अरविंद कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग