जौनपुर। नाग पंचमी का त्योहार बुधवार को जिले भर में मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अखाड़ों में पहलवानों ने दाव पेच आजमाए। घरों में नाग देवता की पूजा की गई। सुबह घरों में साफ सफाई के बाद दूध लावा चढ़ाने के बाद ही दूसरा काम शुरू किया। मेले में भी देर रात लोग खरीदारी करने में जुटे रहे। शहर के मछलीशहर पड़ाव, कलीबाद समेत कई स्थानों पर मेले का आयोजन हुआ।
गौराबादशाहपुर: क्षेत्र के सरसौड़ा गांव स्तिथ रायमन ब्रम्ह बाबा के भव्य मंदिर पर नाग पंचमी के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया। जिसमें आस पास के सैकड़ों गांवों के लोग पहुंचे। मान्यता है की नाग पंचमी के दिन इस मंदिर पर मांगी जाने वाली हर मान्यताएं पूरी होती हैं। मेला कब से लगता है मेले की शुरुआत किसने की आज तक इस बात को कोई नहीं जानकारी नहीं है। मेले में कलाकारों ने कजरी प्रस्तुत कर लोगों का मन मोहा। इस अवसर पर ग्राम प्रधान लालबिहारी सिंह, जल भरत सिंह, पदारथ यादव, अशोक पाण्डेय, विनीत शर्मा, अभिषेक दुबे, भोला चौबे, लाल जी सिंह आदि मौजूद रहे।
भदेवरा गांव में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में पहलवानों ने अपना दम दिखाया। डा. राम अवतार सिंह ने पहलवानों का हाथ मिला कर कुश्ती की शुरुआत की। जिसमें मार्कण्डेय कोनिया ने सोनू बसवत, अतुल नई बाजार ने सुशील नरायनपुर को, सौरभ बसवत ने साहिल भदेवरा को, सत्यम केराकत ने लकी नई बाजार को, किशन नई बाजार ने सिकन्दर बसवत को, गौरव बसवत ने गोकुल कोनिया को, छोटू हनुआडीह ने पंकज गोविन्दपुर, रवि बसवत ने शेर बहादुर नई बाजार को, काजू नई बाजार ने मुकेश बसवत को, बाढू यादव बसवत ने शिवम कोनिया, नान्हू बसवत ने सुजीत कोनिया को, आशीष गोविंदपुर ने लालमन कोनिया, धीरज बसवत ने राजबहादुर धर्मापुर को पटखनी दी। रेफरी तेजु पहलवान रहे। इस कार्यक्रम में डा भाष्कर शर्मा द्वारा लगे शर्मा चिकित्सालय निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में कुल 122 मरीजों का निशुल्क जाँच हुई। इस अवसर पर महेंद्र सिंह, चन्द्रभान सिंह, शोभनाथ यादव, चंदन यादव, राजेन्द्र प्रसाद चौबे, डॉ अजय सिंह, डॉ प्रमोद शर्मा, दुर्गेश सिंह, कालीचरण यादव, धीरज यादव मौजूद रहे। संचालन जय राम पाठक ने किया। आयोजक उदय भान सिंह ने आभार व्यक्त किया।
सुजानगंज: श्री गौरीशंकर धाम पर दूध, लावा,मटर,चना आदि चढ़ाकर लोगों ने पूजा अर्चना की । पूरे श्रावण माह विशेष कर नागपंचमी को धरती खोदना निषिद्ध है। इस दिन व्रत करके सांपों को खीर खिलाई व दूध पिलाया जाता है। कहीं-कहीं सावन माह की कृष्ण पक्ष की पंचमी को भी नाग पंचमी मनाई जाती है। इस दिन सफेद कमल पूजा में रखा जाता है।इस दिन नागदेव का दर्शन अवश्य करना चाहिए। नागदेव की सुगंधित पुष्प व चंदन से ही पूजा करनी चाहिए क्योंकि नागदेव को सुगंध प्रिय है। इसके अलाव सिकरारा, बक्शा, नौपेड़वा, बदलापुर, शाहगंज, केराकत, मड़ियाहूं, जलालपुर, बरसठी, मुंगरा,करंजाकला, नेवढियां, रामपुर, धर्मापुर, मुफ्तीगंज आदि क्षेत्रों में नागपंचमी पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।