जौनपुर। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया सामूहिक नलकूप योजना में सामान्य वर्ग के लाभार्थी नहीं मिल रहे हैं। इस योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में दो सामान्य और पांच अनुसूचित जाति के लोगों के यहां नलकूप लगाने का कार्य किया जाना है। इसके लिए प्रति नलकूप पांच लाख की लागत से लगाया जाना है। इसमे 50 फ़ीसदी धनराशि लाभार्थी को खर्च करने हैं जबकि 50 फीसदी धनराशि सरकार अनुदान देगी। यह सुविधा सिर्फ सामान्य वर्ग के लाभार्थी को ही देनी है। अनुसूचित जाति के लोगों को फ्री बोरिंग होनी है।
किसान सामूहिक रूप से खेतों की सिंचाई कर सकें, इसके लिए सरकार द्वारा डॉक्टर राम मनोहर लोहिया सामूहिक नलकूप योजना संचालित की गई है। इसके तहत सामूहिक रूप से किसानों के यहां नलकूप लगवाने का कार्य किया जाता है। इसमें अनुसूचित जाति के किसानों को लगने वाले नलकूप का सारा खर्च सरकार खुद वहन करेगी जबकि सामान्य वर्ग के किसानों के यहां लगाए जाने वाले नलकूप की धनराशि में 50 फीसदी पैसा अनुदान के रूप में सरकार देगी। एक नलकूप लगवाने की लागत सरकार द्वारा पांच लाख रुपये रखी गई है।सामान्य वर्ग के लिए दो नलकूप और अनुसूचित जाति के लिए पांच नलकूप चालू वित्तीय वर्ष में लगवाने का लक्ष्य रखा गया है। अनुसचित जाति के किसानों के यहां नलकूप लगवाने के लिए लक्ष्य के अनुसार लाभार्थी तो मिल गए हैं लेकिन सामान्य वर्ग के यहां नलकूप लगाने के लिए लाभार्थी नहीं मिल पाए हैं।
जौनपुर। बोरिंग योजना के तहत गहरी बोरिंग के लिए अनुसूचित जाति के लाभार्थी नहीं मिल रहे हैं। जबकि इस जाति के पांच किसान लाभार्थी के यहां बोरिंग का लक्ष्य रखा गया है। सामान्य वर्ग के दो किसान लाभार्थियों के यहां बोरिंग किया जाना है जिसमें लाभार्थी का चयन हो गया है। लेकिन अनुुसूचित जाति के किसान लाभार्थी नहीं मिल पाए हैं। इसका कारण है यह है कि बोरिंग करने में आने वाली लागत दो लाख 20 हजार रखी गई है। इसमें 50 फीसदी धनराशि किसानों को और 50 फीसदी धनराशि सरकार देगी। इसमें अनुसूचित जाति के लोगों को भी धनराशि देनी है।
नलकूप लगवाने में निर्धारित पांच लाख की धनराशि में 50 फीसदी पैसा सामन्य वर्ग के लोगों को देने हैं जिसके कारण लोग नलकूप नहीं लगवा रहे हैं। वहीं बोरिंग योजना के तहत एक गहरी बोरिंग करने की लागत दो लाख 20 हजार रुपये रखी गई है। जिसमें 50 फीसदी धनराशि अनुसूचित वर्ग के लाभार्थी को भी जमा करनी है जिससे इसके लिए काई लाभर्थी तैयार नहीं हो रहा है।
इंजीनियर राम सूरत सिंह
सहायक अभियंता, लघु सिंचाई