मुंगराबादशाहपुर । शहीदों के मजारों पर लगने तो मेले चाहिए थे लेकिन मुंगराबादशाहपुर में अफसर वतन पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों की स्मृतियों को मिटाने पर तुले हुए हैं। ब्लाक के 22 शहीदों की स्मृति को सहेजने के लिए ब्लाक परिसर में शिलापट्ट लगाया गया था। मगर उसे प्रशासन ने हटवाकर उसकी जगह पर 25 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सूची पट्ट लगवा दिया। खंड विकास अधिकारी का कहना है कि शहीदों का शिलापट्ट धुंधला हो गया था तो उसे हटाकर वहां सेनानियों के नाम पट्टिका लगवा दी गई।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मुंगराबादशाहपुर के निवासियों ने भी प्राणों की आहुति दी। आजादी की लड़ाई में जगह-जगह हुए विरोध प्रदर्शनों में शहीद हुए 22 लोगों की स्मृतियों को सहेजने के लिए ब्लाक मुख्यालय पर शहीद स्मारक बनवाया गया था। शहीदों के नाम का शिलापट्ट लगवाया गया था। शुक्रवार को शहीद प्रयाग राम साहू के प्रपौत्र शैलेंद्र साहू द्वारा शहीद स्तंभ पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए थे। वहां शहीदों का शिलापट्ट ही नहीं था जबकि ऊपर शहीद स्मारक आज भी लिखा है। वह अफसरों से शिकायत करने पहुंचे तो यह जानकार उनका दिल ही दुखी हो गया कि शहीदों का शिलापट्ट पुराना पड़ गया था तो उसे हटा दिया गया। उनकी जगह पर स्वतंत्रता सेनानियों के नाम की पट्टिका लगवा दी गई। ब्लाक प्रशासन इस बात का जवाब नहीं दे पाया कि शहीदों के नाम की पट्टिका कहां रखी गई है। इस घटना से इलाके में नौराजगी है। शैलेंद्र साहू ने कहा कि जिन लोगों ने देश पर सर्वस्व न्योछावर कर दिया। यह उनका अपमान है, जिसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
शिलापट्ट गायब होने के बाबत खंड विकास अधिकारी जयेश कुमार सिंह ने कहा कि अमर शहीदों के शिलापट्ट पर दर्ज नाम लगभग मिट गया था, लिहाजा उसे हटाकर स्वतंत्रता सेनानियों का नाम अंकित कराया गया है। वहां पर शहीद शहीद स्तंभ स्थल लिखे होने की बात याद दिलाने पर उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम अंकित है। शहीदों के नाम की पट्टिका भी जल्द ही लगवा दी जाएगी। इस बारे में उप जिलाधिकारी मछलीशहर जेएन सचान का कहना है कि शहीदों के नाम पट्टिका को हटाकर स्वतंत्रता सेनानियों का शिलापट्ट लगवाना अनुचित है। इसकी जांच कराई जताएगी और गलती दुरुस्त की जाएगी।