जौनपुर। साधन सहकारी समितियों पर इस समय डीएपी खाद दो तरह के भाव पर बिक रही है। पुरानी डीएपी 1076 रुपया में बोरी है जबकि नई डीएपी 1290 रुपया प्रति बोरी बिक रही है। पीसीएफ की ओर से समितियों पर दो कीमत में खाद भेजी गई है। इससे किसान भ्रम में पड़ गए हैं। उनकी समय में नहीं आ रहा कि वे नई खाद खरीदेें या पुरानी। कई जगहों पर तो रेट को लेकर विवाद भी हो रहा है।
धान की रोपाई जोरों पर है। इसलिए डीएपी की मांग बढ़ गई है। पीसीएफ द्वारा साधन सहकारी समितियों पर उर्वरक भेजा है। जिले की 165 सहकारी समितियों पर अब तक कुल 2529 एमटी डीएपी भेजी गई है। जो खेप आई है, उसमें दो तरह की खाद है। पुरानी डीएपी 1076 रुपये प्रति बोरी की है तो दूसरी डीएपी 1290 रुपये प्रति बोरी की है। दतांव, धरांव व कल्याणपुर आदि साधन सहकारी समितियों पर दोनों रेट की डीएमपी बिक रही है। दो रेट की डीएपी बिकने से किसान परेशान हैं। ऊहापोह की स्थिति में हैं क्योंकि समझ में नहीं आ रहा कि नई खाद के फायदे क्या हैं। वहीं सचिवों को भी दो रेट की डीएपी बेचने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह इस लेकर कहासुनी भी हुई है।
पीसीएफ ने 1375 एमटी डीएपी रखी गई है। इसमें 900 मीट्रिक टन नई खाद है, जिसका रेट 1290 रुपया प्रति बोरी है। वहीं 475एमटी पुरानी डीएपी रखी गई है, जिसकी कीमत 1076 रुपया प्रति बोरी है। पुरानी डीएपी रबी के लिए सुरक्षित रखी गई थी। जानकारों का कहना है कि इसी तरह की स्थिति यूरिया के भी साथ होगी। पीसीएफ के प्रबंधक वीरेंद्र यादव का कहना है कि साधन सहकारी समितियों पर दो रेट की बिक रही डीएपी के बारे में एआर कोआपरेटिव ही बता सकते हैं।
पीसीएफ द्वारा समितियों पर दो रेट की डीएपी भेजी गई है। जिसमें पुरानी डीएपी का दाम 1076 रुपया है और नई डीएपी का दाम 1290 रुपया है जबकि पीसीएफ को समितियों पर एक ही रेट की डीएपी भेजने के लिए कहा गया था। इससे किसान असमंजस में हैं। वहीं सचिवों को भी डीएपी बेचने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गणेश गुप्ता सहायक निबंधक, सहकारी समितियां