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धरने को अनुमति न मिलने से शिक्षकों में उबाल

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माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत 28 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सामने धरने के लिए अनुमति न मिलने से शिक्षकों में आक्रोश है। जिलाध्यक्ष संतोष सिंह के आवास पर गुरुवार को आननफानन में बुलाई गई बैठक में आंदोलन की अगली रणीति तय की गई। तय किया गया कि 9 अगस्त को क्रांति दिवस के मौके पर माध्यमिक शिक्षक संघ जिला प्रशासन को अपनी ताकत का एहसास कराएगा। कलेक्ट्रेट में आयोजि धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में शिक्षकों को बुलाने की रणनीति तय की गई है।
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माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह के जोगियापुर स्थित आवास पर आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 28 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर होने वाले धरना के लिए किसी साजिश के तहत अनुमति नहीं दी गई। जबकि प्रदेश के सभी जिलों में उनके संगठन को धरना के लिए अनुमति मिल चुकी है। जिले में धरने को सफल बनाने के लिए जिलाध्यक्ष ने खुद विद्यालयों में जाकर शिक्षकों से जनसम्पर्क किया था। महीने भर से तैयारी चल रही थी। लेकिन जिला प्रशासन को शिक्षकों से न मालूम कौन सा खतरा महसूस हुआ और धरने के लिए अनुमति नहीं दी गई। ऐसा कर जिला प्रशासन ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है। जिलाध्यक्ष ने कहा है कि कुछ तथाकथित शिक्षक माफियाओं की सांठगांठ से जिला प्रशासन चाहे जितनी हिकमत लगा ले लेकिन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए वह सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष को तैयार हैं। शिक्षकों ने जिला प्रशासन के इस रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की है। बैठक को जिला मंत्री रमाशंकर पाठक ने भी संबोधित किया। इस मौके पर डा. अक्षयवरनाथ द्विवेदी, अनिल कुमार उपाध्याय, मो. शाहिद, नईम, डा. ईश्वरलाल यादव, समरजीत सिंह, शंकराचार्य तिवारी, डा. रमेश सिंह, आनंद श्रीवास्तव, राजेश त्रिपाठी, अजय मिश्र, सोम वर्मा, नारायण चौरसिया, सुनील यादव, वेद प्रकाश सिंह, चंद्रसेन सिंह आदि शिक्षक मौजूद थे।
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