जौनपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, परिवहन विभाग समेत तमाम कार्यालयों में हर वक्त जमे रहने वाले दलालों और उन्हें संरक्षण देने वाले अफसरों के लिए बुरी खबर है। अब इन दफ्तरों पर जिलाधिकारी की लगातार नजर रहेगी। इसके लिए सभी दफ्तरों में लगे क्लोज सर्किट टीवी कैमरों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा, जिसे उसे मोबाइल पर देखना संभव होगा। इसकी शुरूआत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से होने जा रही है। इस महीने के अखिरी तक इस व्यवस्था को शुरू कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने पिछले दिनों एआरटीओ, नगर पालिका, डीआईओएस, बीएसए और मास्टर प्लान के दफ्तर का औचक निरीक्षण किया। इन दफ्तरों में तमाम खामियां मिली थीं। उन्होंने वहां मौजूद लोगों का परिचयपत्र भी देखा। इस दौरान जिलाधिकारी को शिकायत मिली कि यहां बगैर बिचौलियों के कोई काम नहीं होता। कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्यालय में आने-जाने का भी कोई समय नहीं है। जिलाधिकारी 15 दिन के भीतर दो बार जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे और दोनों बार कर्मचारी नदारद थे। जांच के दौरान जिलाधिकारी ने गेट बंद करवा दिया और कार्यालय में किसी न किसी काम से आए लोगों को डीआईओएस कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की। उन्होंने गेट बंद रखने को कहा था बावजूद गार्ड ने कुछ संदिग्धों को गेट खोलकर बाहर कर दिया था। जिलाधिकारी इसे सीसीटीवी कैमरे में देख रहे थे। उसके बाद जिलाधिकारी ने सभी दफ्तरों पर निगरानी रखने का फैसला किया। कंप्यूटर से जोड़ने का निर्णय लिया है। कार्यालय या घर से बाहर रहते हुए भी जिलाधिकारी चाहे जब और चाहे जिस कार्यालय की गतिविधि को देख सकेंगे।
नई व्यवस्था से जहां कर्मचारी अधिकारी समय से दफ्तर पहुंचेंगे वहीं कार्यालयों में बेमतलब भीड़ लगाने वाले लोगों पर भी अंकुश लगेगा। एक ही कार्यालय में बार बार आने वाले लोगों से पूछताछ भी की जा सकेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यलय से इसकी शुरूआत की जाएगी। - अरविंद मलप्पा बंगारी, जिलाधिकारी