जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार मे जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी की अध्यक्षता में गुरुवार को भू-जल के संरक्षण को लेकर हुई बैठक में जागरूकता लाने के उद्देश्य से भू-जल सप्ताह के आयोजन पर चर्चा हुई।
भू-गर्भ जल विभाग वाराणसी के नागेंद्र सिंह एवं रामजन्म सिंह ने कहा कि जनसंख्या के बढ़ते दबाव व पानी की अत्यधिक मांग और जल संसाधनों की सीमित उपलब्धता के परिणाम स्वरूप जल आपूर्ति एवं उपलब्ध जल की मात्रा के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। विशेषकर भूगर्भ जल का अनियोजित व असीमित उपयोग किए जाने से एवं विगत कुछ वर्षों से वर्षा में आई कमी से कुछ स्थानों पर भू जल स्तर निरंतर नीचे गिरता जा रहा है। ऐसी दशा में दीर्घकालीन प्रबंधन व संरक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वर्षा जल संचयन की परंपरागत तकनीक को अपनाने तथा भूजल संपदा का अपव्यय न हो इस पर गहन विचार करके अपनाने की आवश्यकता समय की मांग है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु अधिकाधिक जल सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से भू जल सप्ताह 22 जुलाई तक मनाया जा रहा है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने कहा कि पानी को बचाने के लिए प्रत्येक नागरिक को सजग होना पड़ेगा। ज्यादा से ज्यादा बरगद, पाकड़, पीपल जैसे पेड़ लगाए जाएं तथा लोगों को पानी का दुरुपयोग न करने के लिए जागरुक किया जाए। सबसे ज्यादा भू-जल का उपयोग कृषि कार्य के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिले में विभिन्न विभागों को पेड़ लगाने के लिए लक्ष्य दे दिया गया है और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आलोक सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आरपी मिश्रा, जिला विकास अधिकारी दयाराम, डीसी मनरेगा कमलेश सोनी एवं संबंधित अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
बच्चों को दिलाया भू जल संरक्षण का संकल्प
केराकत। विकास खंड के बांसबारी गांव स्थित अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय में भू जल संरक्षण सप्ताह मनाया गया। प्रधानाध्यापक वीरेंद्र प्रताप यादव द्वारा सभी बच्चों को भू जल संरक्षण का शपथ दिलाया। भू जल संरक्षण करने एवं जल के अपव्यय से पर्यावरण असंतुलन के प्रति जागरूक किया गया। इस मौके पर विद्यालय में पेंटिंग प्रतियोगिता भी कराई गई। इस अवसर पर सहायक अध्यापिका उर्मिला सिंह, किरण मद्धेशिया, सीमा सिंह, सरिता त्रिपाठी, प्रवीण त्रिपाठी एवं नवीन मौर्य उपस्थित रहे।