जौनपुर। मानसून की बेरुखी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सूखे के कारण किसान कभी धान की नर्सरी देख रहे हैं तो कभी अपने खेत को। खेत में उड़ रहे धूल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। मानसून के साथ नहर भी दगा दे गई है। नहर के भरोसे खेती करने वाले किसान अपने को असहाय महसूस कर रहे हैं। धान की रोपाई में हो रही देरी के कारण किसानों के रातों की नींद हराम हो गई है। किसान यही सोच रहे हैं कि यदि सूखा पड़ा तो रोटी के लाले पड़ जाएंगे। धान और गेहूं दो प्रमुख फसलेें हैं। यदि पैदावार प्रभावित हुई पूरे साल भर के अनाज का संतुलन बिगड़ जाएगा।
मडियाहूं: एक तरफ जहां बारिश नहीं हुई वहीं दूसरी ओर माइनरों में पानी न होने से किसानों के सामने धान के रोपाई की समस्या पैदा हो गई है। शारदा सहायक खंड 39 में भी पानी का अकाल पड़ा है। धान की नर्सरी तो किसी प्रकार किसानों ने तैयार कर लिया लेकिन रोपाई के लिए चिंतित हैं। किसान अरविंद पटेल ने बताया कि हमारे यहां साहोपट्टी बड़ेरी, पट्टी ,नदियांव आदि गांव से होकर माइनर तो गुजर रही है किंतु पानी ना आने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जल्द से जल्द माइनर में पानी छोड़े जाने की मांग किया है।
नेवढ़िया: बारिश न होने के कारण किसानों सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। दो दर्जन गांव से होकर गुजरने वाली नहरें भी सूखी पड़ी हैं। किसान मनोज, राजकुमार, परमानंद दुबे, मुन्नू दुबे, अशोक दुबे, रामलाल यादव, स्यामलाल यादव, संतोष दुबे, सुभाष दुबे आदि का कहना है कि जमीन नहर में चली गई और न ही फसल उग सकी और न पानी नसीब हो रहा है। अनियमित बिजली कटौती और लो वोल्टेज के चलते सरकारी और प्राइवेट नलकूप भी पूरी तरह से फेल है। बस एक ही हम किसानों के पास विकल्प बचा हुआ था, नहर लेकिन सिंचाई के लिए उसमें भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।
मछलीशहर : बारिश न होने के कारण खेती का काम बंद पड़ा है। लोगों को पेयजल की किल्लत शुरू हो गई है। वहीं, पंपिंग सेट में भी पानी कम आने से सिंचाई बाधित हो रही है। क्षेत्र के किसान धान की रोपाई को लेकर परेशान हैं। जुड़ऊपुर, खजुरहट, परसूपुर, कोढ़ा, जहांसापुर, रामपुरकलां, खाखोपुर, पहाड़पुर सहित दर्जनों गांवों के किसान बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं। जुड़ऊपुर (बरबसपुर) निवासी जेठू पटेल, लहुरी पटेल, अनंता सरोज, कालू सरोज, राम शिरोमणि का कहना है कि परिवार और मवेशियों को पिलाने के लिए पानी दूर स्थित इंडिया मार्का हैंडपंप से लाना पड़ता है। कई बार जनप्रतिनिधियों से कहा भी गया लेकिन पटेल, सरोज बस्ती में कोई इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं लगा। सूखे की यही स्थिति रही तो विकट समस्या आने वाले समय में पैदा हो सकती है। बारिश की यही स्थिति रही तो जहां ग्रामीणों को पेयजल के संकट से जूझना होगा।
बरईपार: सूखे की मार झेल रहे किसानों को बिजली भी रुला रही है। मछलीशहर पावर हाउस से जुड़े बरईपार फीडर के सकरा गांव में पिछले चार दिनों से फ्यूज उड़ जाने के कारण सकरा के आधे गांव की विजली गायब है। जिससे किसानों की धान को रोपाई रुक गयी है। बारिश नहीं होने से किसान धान की फसल को लेकर चिंतित हैं। किसान जिलेदार पांडेय का कहना है चार दिनों से विजली नहीं आने से धान की रोपाई नहीं कर पा रहे है। माताचरन पांडेय का कहना है कि विजली नहीं आने से किसानी चौपट हो रही है।