जौनपुर। थर्माकोल, प्लास्टिक द्वारा निर्मित वस्तुओं, डिस्पोजल के सामानों पर प्रतिबंध लगाने उस शासनादेश को गलत तरीके से परिभाषित करने के विरोध में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष श्रवण जायसवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि शासनादेश में प्लास्टिक व थर्माकोल से निर्मित सामाग्री पर प्रतिबंध 15 अगस्त से है परंतु इस अभियान में लगे अधिकारी व कर्मचारी व्यापारियों को अपनी धौंस जमाकर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। कुछ जगहों पर तो इस तरह की सामग्रियों को जब्त भी कर लिया गया है। व्यापारी जब उक्त शासनादेश का हवाला देते हैं तो उन्हें चुप करा दिया जाता है। श्रवण जायसवाल ने बताया कि 50 माइक्रान से ऊपर की पालीथिन का प्रयोग किया जा सकता है परंतु जब अधिकारी मौके पर जाते हैं तो अंदाज से ही बताते हैं कि उक्त पालीथिन 50 माइक्रान की नहीं है। उन्होंने मांग किया कि जब भी इस अभियान में अधिकारी चलें तो उनके पास पालीथिन के माइक्रान को मापने का यंत्र उपलब्ध होना चाहिए। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल पालीथिन और प्रदूषण फैलाने वाली तमाम सामाग्रियों पर जो रोक लगाई गई है उसका समर्थन करता है। परंतु उसकी आड़ में अधिकारी, कर्मचारी यदि भय का माहौल बनाना चाहेंगे तो कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापार मंडल उनके विरोध में सड़क पर उतरने को बाध्य होगा। इस मौके पर अशोक साहू, मोनू यदुवंशी, अनवारूल हक, गुलजारी लाल साहू, राममनी भोज्यवाल, गुड्डू यादव, शिव कुमार साहू, पिंटू यादव, सभासद कृष्ण कुमार यादव, दीपक गोस्वामी, राकेश यादव, अमर बहादुर सेठ, अमरनाथ मोदनवाल, कमालुद्दीन अंसारी, राजेष निषाद, राजेश यादव आदि मौजूद रहे।