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उर्दू शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़ा

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जौनपुर। समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वर्ष 2016 में हुई उर्दू शिक्षकों की भर्ती में भारी खेल हुई है। कोई फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षक बन गया तो तोई जन्मतिथि और मार्कसीट में अंकों की हेराफेरी कर नौकरी हासिल कर ली। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिली भगत से भर्ती में खेल हुई है। आरटीआई के तहत बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना से फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जालसाजों के चक्कर में नौकरी पाने से पीछे रह गए अभ्यर्थियों ने फर्जीवाड़े से संबंधित अभिलेखों का पुलिंदा जिलाधिकारी को सौंपा है। भर्ती के समय काउंसिलिंग में ओबीसी वर्ग के सिर्फ 14 अभ्यर्थी शामिल हुए लेकिन नियुक्ति हुई तो उसमें ओबीसी वर्ग के 29 अभ्यर्थी शिक्षक बन गए।
सिंगरामऊं थाना क्षेत्र के गोनौली गंव निवासी फारुख अहमद खान समेत कई अन्य लोगों ने नियुक्ति के समय ही धांधली का आरोप लगाया था। लेकिन सत्ता व शासन के दबाव व अधिकारियों की मनमानी के चलते ऐसी शिकायत करने वालों की कोई सुनवाई नहीं हुई। फारुख अहमद वर्ष 2016 से ही जन सूचना अधिकार कानून के तहत बेसिक शिक्षा विभाग से कुछ सूचना मांग रहे थे। करीब ढाई साल बाद उन्हें सूचना आयुक्त लखनऊ के यहां से जौनपुर में ऊर्दू शिक्षकों की भर्ती से संबंधित सूचनाएं अब मिली है। आरटीआई के तहत बीएसए कार्यालय से जो सूचना दी गई है उसके मुताबिक एक मार्च 2016 और पांच मार्च 2016 को हुई काउंसिलिंग में सामान्य वर्ग के 26, ओबीसी वर्ग के 14 और अनुसूचित जाति के 2 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लेकिन इसी कार्यालय से नियुक्त 42 उर्दू शिक्षकों की जो सूची उपलब्ध कराई गई है उसके मुताबिक ओबीसी वर्ग के कुल 29 लोग शिक्षक बन गए हैं। जबकि सामान्य वर्ग के शिक्षकों की संख्या जो काउंसिंलिंग में 26 थी वह घटकर 11 हो गई। हालांकि नियुक्ति के बाद हुई जांच में खामी मिलने पर बेशिक शिक्षा अधिकारी की ओर से पांच शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। लेकिन शिक्षायत कर्ता का दावा है कि ठीक से जांच की जाए तो अभी भी कई ऐसे मामले सामने आएंगे जो टीईटी से लेकर मोअल्लिमें उर्दू की डिग्री में हेराफेरी कर शिक्षक बन गए हैं।
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अभिलेखों में हेराफेरी करने के मामले में पांच उर्दू शिक्षकों को निलंबित कर उनकी फाइल बेशिक शिक्षा सचिव को भेज दी गई है। रही बात आरक्षण में गड़बड़ी की तो यह मामला कोर्ट में है। कोर्ट से कोई फैसाला आने पर कार्रवाई होगी।
डा. राजेंद्र सिंह
बीएसए
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