जौनपुर। पिछले 3 दिनों से जिलाधिकारी द्वारा ताबड़तोड़ की जा रही छापेमारी से सभी विभागों में खलबली मच गई है। जिन विभागों में जिलाधिकारी अभी नहीं पहुंचे हैं वहां के कर्मचारियों अधिकारियों को इस बात की चिंता है कि न जाने डीएम कब उनके कार्यालय में पहुंच जाएं। डीएम ने जिन विभागों में छापा मारकर करोड़पति लिपिकों की कुंडली मांगी जरूर लेकिन अफसर अपना कोर दबे होने के नाते विवरण देने में कतरा रहे हैं।
जिले के मंत्री, सांसद, विधायक व भाजपा संगठन के पदाधिकारियों के साथ गत दिनों हुई बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, परिवहन कार्यालय के लिपिकों के बारे में चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इन विभागों में लंबे समय से एक ही पटल पर लिपिक जमे हैं जो बिना पैसे के कोई काम नहीं करते। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने कहा कि ऐसे लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मंगलवार को डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया और 20 लोगों का वेतन रोक दिया। इस कार्यालय में 17 लिपिक हैं। लेकिन मलाईदार पद पांच-छ: लिपिकों के पास है। उन्होंने लिपिकों का विवरण मांगा तो आनन-फानन में दूसरे दिन जिला विद्यालय निरीक्षक पटल परिवर्तन किया जरूर, लेकिन उन्हीं बाबूओं के बीच जो मलाईदार पदों पर तैनात हैं। ऐसे लिपिक जब भी कोई अफसर आता है। उसके साथ सेटिंग कर लेते हैं। जिसकी वजह से उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण के दौरान लिपिक विजय को निलंबित कर दिए। इसके बाद सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण कर डीएम ने लिपिकों के पटल का विवरण मांगा है। सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिकों के बारे में प्रभारी मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने भी सवाल खड़ा किया था। जो भी हो तीन विभागों के निरीक्षण के बाद सभी विभागों के अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। चर्चा में रहने वाला डीपीआरओ कार्यालय भी अलर्ट हो गया है। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी का कहना है कि आकस्मिक चेकिंग विभागों की जारी रहेगी।