जौनपुर। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता शिवप्रसाद उपाध्याय पर जानलेवा हमले से आक्रोशित दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की लचर कानून व्यवस्था के कारण अधिवक्ताओं पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। आज अधिवक्ता सुरक्षित नहीं हैं। अधिवक्ता पर हुए हमले मामले में धारा 307 में बदलने व अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी की वकीलों ने मांग की।
अधिवक्ता शिवप्रसाद ने संघ के अध्यक्ष बृजनाथ पाठक को प्रार्थना पत्र दिया कि पड़ोसियों ने जमीनी विवाद को लेकर गालियां देते हुए उन्हें लाठी डंडे से मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। अधिवक्ताओं ने बैठक कर घटना की घोर निंदा की। इस मौके पर उपाध्यक्ष जगदीश नरायण त्रिपाठी, मंत्री बरसातू राम, रणंजय सिंह, आलोक यादव, अनिल सिंह, हिमांशु श्रीवास्तव, रवींद्र विक्रम सिंह, शहंशाह हुसैन, मो.खालिद, संजीव सिंह, शरदेंदु चतुर्वेदी, सूर्यमणि पांडेय, बृजेश निषाद आदि मौजूद रहे।