जौनपुर। गेहूं खरीद की तिथि बीतने के 12 दिन बाद भी किसानों को पांच करोड़ 66 लाख से अधिक का भुगतान नहीं किया गया है। यह बकाया बकाया पीसीएफ, यूपी एग्रो व नेफेड आदि एजेंसियों के पास है। सरकार ने खरीद के 72 घंटे के भीतर भुगतान का दावा किया था लेकिन दोनों एजेंसियों ने इसकी धज्जियां उड़ा रही हैं। किसान एजेंसियों का चक्कर काटने को मजबूर हैं।
जिले में 62 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद के लिए आठ एजेंसियों के 141 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर एक अप्रैल से 15 जून तक खरीद की गई। कुल 18223 किसानों से 58840.56 एमटी गेहूं की खरीद की गई। इस दौरान एजेंसियों द्वारा एक अरब दो करोड़ 67 लाख रुपये की खरीद की। इसमें मात्र 97 करोड़ एक लाख रुपये का भुगतान किसानों को किया गया है। अभी भी किसानों को खरीदे गए गेहूं का पांच करोड़ 66 लाख 53 हजार रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। किसानों का यह बकाया तीन एजेंसियों के पास है। जिसमें पीसीएफ के यहां चार करोड़ 99 लाख, यूपी एग्रो के यहां 20 लाख 53 हजार और नैफेड के यहां 47 लाख रुपया बकाया गया है।
खाद्य विपणन विभाग के 24 क्रय केंद्रों द्वारा 4362 किसानों से 25.73 करोड़ रुपये का 14447 टन गेहूं खरीदा गया। इसी प्रकार पीसीएफ के 99 क्रय केंद्रों पर 11815 किसानों से 59.22 करोड़ का 33941 टन गेहूं की खरीद हुई। यूपी एग्रो के चारों क्रय केंद्रो ने 452 किसानों से 3.12 रुपये में 179 टन गेहूं खरीदा। यूपीपीसीयू के चार क्रय केंद्रो द्वारा 425 किसानों से 5.47 करोड़ में 3136, कर्मचारी कल्याण निगम के तीन क्रय केंद्रो पर 477 किसानों से 3 करोड़ में 1719 टन गेहूं की खरीद हुई। एनसीसीएफ के 3 क्रय केंद्रों द्वारा 338 किसानों से 3.55 करोड़ में 2036 टन, नेफेड के तीन क्रय केंद्रों पर 203 किसानों से 1.45 करोड़ में 831टन, एफसीआई के एक मात्र केंद्र पर 151 किसानों से 1.11 करोड़ में 636 टन की खरीद हुई।
किसानों का बकाया नहीं देने वाले एजेंसियों को शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।पीसीएफ, यूपी एग्रो व नैफेड के यहां ही किसानों का पांच करोड़ 66 लाख रुपए का बकाया है। शीघ्र ही किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा।-महेश कुमार श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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