जौनपुर। मानसून आने से पहले ही जिले में बाढ़ से निपटने की तैयारी प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई है। इस दौरान गोताखोरों, नाविकों और नाव का भी चयन कर लिया गया है। वहीं प्रभावित होने वाले इलाकों में 44 बाढ़ चौकी स्थापित करने के लिए स्थान चयनित कर लिया गया है। साथ ही बाढ़ से नियंत्रण के लिए दो स्थाई नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे।
जिले में गोमती व सई नदी में बाढ़ आने से सबसे अधिक केराकत, बदलापुर व सदर तहसील में भयावह स्थिति रहती है। शेष तहसीलों में बाढ़ की स्थिति सामान्य रहती है। लोगों को बाढ़ की विभिषिका से बचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके लिए सिंचाई विभाग, पशु पालन विभाग व स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों से कार्य योजना तैयार करा ली गई है। वहीं शहर क्षेत्र में 73 कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्र में 129 कर्मचारियों को बाढ़ कार्य में लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई। संचारी रोग नियंत्रण कक्ष और जिला चिकित्सालय में स्थाई नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा। दो सचल दल भी बनाए गए हैं, जिनके द्वारा हमेशा बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया जाएगा। 18 विस्थापित शिविर लगाया जाएगा। जिसमें बाढ़ से प्रभावित लोगों को रखा जाएगा। जिसके लिए स्थानों का चयन कर लिया गया है। बाढ़ में डूबने वालों को बचाने के लिए गोताखोरों सहित नावों व नाविकों का भी चयन किया गया। इसके अलावा सभी छह तहसीलों में बाढ़ चौकी भी बनाई जाएगी। जिसमें सदर तहसील में नौ, केराकत तहसील में 14, शाहगंज में चार, मछलीशहर में पांच, बदलापुर में सात, मड़ियाहूं में पांच बाढ़ चौकी बनाई जाएगी। बाढ़ चौकी बनाने के लिए भी स्थानों का चयन कर लिया गया है।
बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाढ़ आने पर तैयारियों के मुताबिक कार्य किया जाएगा।
आरपी मिश्रा
अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व)