जौनपुर। शहर के दस परीक्षा केंद्रों पर होने वाले दो पालियों में पुलिस भर्ती परीक्षा की वजह से पूरा शहर जगह-जगह जाम हो गया। वाहनों की रफ्तार थम गई और धूप और गर्मी में लोग परेशान हुए। उधर प्रथम पाली की परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थी जब रोडवेज पहुंचे तो कोई बसें नहीं थीं। चिलचिलाती धूप में अभ्यर्थियों को परेशान होना पड़ा। परीक्षा के दौरान किसी तरह की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई। अलबत्ता बसों में बैठने को लेकर अभ्यर्थियों के बीच धक्का मुक्की हुई।
पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी अभ्यर्थी रात में ही शहर में पहुंच गए थे। प्रत्येक पाली में 6888 अभ्यर्थियों को आना था। उनके साथ अभिभावक भी आए। इस तरह शहर तकरीबन 20 हजार की भीड़ से पट गया। अचानक भीड़ बढ़ने की वजह से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। ज्यादातर लोग बसों और ट्रेनों से आए थे। समय से परीक्षा में उपस्थित होने की वजह से सुबह में ही लोग आ गए और सेंटरों पर पहुंच गए। परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने परीक्षा केंद्रों के सामने चद्दर बिछाकर आराम भी किया। जिनकी परीक्षा दूसरी पाली में थी वह सेंटर के आसपास पेड़ की छांव में बैठकर समय गुजारते रहे। जेसीज चौराहे पर बसों के इंतजार में लोग घंटों खड़े रहे। रोडवेज का परिसर भी अभ्यर्थियों की भीड़ से पट गया था। कई बस चालक और परिचालक बसें ले जाने से घबरा रहे थे। इस वजह से अभ्यर्थियों को बसों के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। बस अड्डे पर अभ्यर्थियों ने हो हल्ला भी किया। प्रशासन के आगाह करने के बाद भी रोडवेज प्रशासन ने बसों के इंतजाम में कोई रूचि नहीं लिया। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी हुई।
जौनपुर। सिपाही बनने के लिए युवतियों और महिलाओं में भी खासा उत्साह दिखा। वे अपने परिवार के लोगों के साथ भर्ती परीक्षा में शामिल होने आईं थीं। मोहम्मद हसन पीजी कालेज के सेंटर पर आशा नामक एक महिला ने बताया कि वह दो बच्चों की मां है। पति मुंबई में प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह शादी से पहले फुटबाल की अच्छी खिलाड़ी थी। उसके मन में सिपाही बनने की इच्छा जागृति हुई तो ससुराल वालों ने भी हामी भर दी। इस तरह कई युवतियों ने बताया कि बेरोजगारी की वजह से उनके अंदर नौकरी की ललक है।
जौनपुर। जेसीज चौराहा पर जाम के दौरान एक कार चालक ने कार बाएं से निकालना चाहा तो ट्रक की कार से टक्कर हो गई। इसके बाद दोनों चालकों में कहासुनी होने लगी। पिकेट पर मौजूद सिपाहियों ने दोनों को समझा बुझाकर शांत कराया।
जौनपुर। संयोग रहा कि दुर्व्यवस्था के बाद भी परीक्षार्थियों ने कोई बवाल परीक्षार्थियों ने नहीं किया। जिस तरीके से बसों का इंतजाम नहीं था ऐसी स्थिति में तोड़ फोड़ हो सकती थी। जाम से निजात दिलाने के लिए भी कोई तैयारी नहीं थी। परीक्षा केंद्रों पर पानी का इंतजाम भी प्रशासन की तरफ से नहीं किया गया था।