जौनपुर। वेतन व भत्तों में बढ़ोतरी के लिए लेखपालों ने मंगलवार को सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया और बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम सदर को सौपा।
सदर तहसील में अध्यक्ष कृष्णानंद पांडेय ने कहा कि 50 विभागों के संचालन में लेखपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके बाद भी हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। लेखपाल का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक, शैक्षिक योग्यता स्नातक, पे-ग्रेड 2800 करने की मांग लगातार की जाती रही। वर्ष 2006 में छठे वेतन आयोग के लागू होने के बाद लेखपाल संवर्ग में वेतन विसंगति उत्पन्न हो गई है, जिसे दूर करना जरूरी है। पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2017 को पास करने के साथ-साथ लैपटाप और पदोन्नति की व्यवस्था की जाए। कहा कि 25 जून तक काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा। 26 जून से लेकर दो जुलाई तक आय, जाति व निवास प्रणामपत्र के सत्यापन का बहिष्कार करेंगे और तीन से सात जुलाई तक पूर्ण कार्य बहिष्कार होगा। अगर सरकार नहीं सुनती तो नौ जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना होगा। धरने में विष्णु नारायण सिंह, विक्रांत सिंह चौहान, लालबहादुर सरोज, गौरव श्रीवास्तव, अनुराग सिंह व धीरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
केराकत में तहसील अध्यक्ष प्रलयशंकर, वीरेंद्र प्रताप, रमाशंकर सिंह,ज्ञान प्रकाश सिंह , जनार्दन यादव, पारसनाथ यादव, सुनील दत्त त्रिपाठी, प्रभाकर, चेतनारायण के नेतृत्व में धरना दिया गया। मछलीशहर में तहसील अध्यक्ष जयशंकर यादव के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर तहसील परिसर में धरना दिया। जिलाध्यक्ष लालचंद्र श्रीवास्तव, मूलचंद्र , अजय पटेल, सूरज कुमार, बृजेश यादव, लालचंद्र पांडेय, अमर बहादुर यादव, प्रमोद श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। बदलापुर तहसील में राम नारायण यादव, जनार्दन मिश्र, शैलेंद्र मिश्र, अजय पांडेय, जटाशंकर श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव, राज नारायण, पुष्कर ने धरना दिया।