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डिग्री कालेजों में मानक के हिसाब से नहीं चलती कक्षाएं

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जौनपुर। डिग्री कालेजों में 180 दिन कक्षाओं का संचालन अनिवार्य है। मगर ज्यादातर महाविद्यालयों में इसका पालन नहीं किया जाता है। सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तो कक्षाएं चलती भी हैं लेकिन स्ववित्तपोषित कॉलेजों की हालत दयनीय है। किसी कालेज में तीन तो कहीं चार महीने के बाद ही कोर्स पूरा कर दिया जाता है।
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विश्वविद्यालय की चेतावनी के बाद भी तमाम कालेज ऐसे हैं जिनमें कक्षाएं चलाई ही नहीं जाती है। छात्रों का दाखिला लिया जाता है लेकिन इसका ध्यान नहीं रखा जाता है कि उनके शिक्षण का मानकों के हिसाब से इंतजाम हो। कुछ कालेज तो ऐसे हैं जिनके यहां शिक्षकों का अनुमोदन भी नहीं होता है और खानापूर्ति करके सत्र को पूरा कर दिया जाता है। यूजीसी का निर्देश है कि कालेज हरहाल में 180 दिन कक्षा का संचालन कराना सुनिश्चत करें। बावजूद इसके कागजी कोरम पूरा करने का सिलसिला जारी है। 15 जुलाई से डिग्री कालेजों में नया सत्र होगा। कालेज अभी से दाखिला को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। दाखिला हो जाने के बाद कुछ दिन तक कक्षाएं तो चलती हैं लेकिन उसके बाद खानापूर्ति शुरू हो जाता है। टीडी के कालेज के प्राचार्य डा. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि जुलाई में समय से दाखिला लेने के बाद कक्षा संचालन शुरू करा दिया जाएगा। कक्षा संचालन में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाता है। समय से कोर्स खत्म करने के लिए शिक्षकों पर भी दबाव रहता है।
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