मीरगंज। मछलीशहर से जंघई के बीच 33 केवी की लाइन पर बांस गिर जाने से आपूर्ति बाधित हो गई। रविवार को दोपहर में जंघई उपकेंद्र ठप हो गया। उससे जुड़े 72 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। मरम्मत का काम सोमवार को सुबह नौ बजे पूरा हुआ तब जाकर आपूर्ति बहाल की जा सकी। इस दौैरान 20 घंटे से भी अधिक समय तक लोग उमस और गर्मी की मार झेलते रहे। पेयजल की भी आपूर्ति नहीं हो पाई।
मछलीशहर से जंघई आने वाली 33 हजार बिजली के तार पर तिलौरा गांव के पास रविवार को दोपहर हरा बांस गिर गया था। इससे जंघई उपकेंद्र से जुड़े 72 गांवो की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जिसमें असवा, गोपालपुर, सेमरी, बभनियांव, चौकीकला, मोलनापुर, गरियांव, चकिया, गोधना, चितांव, भटेवरा, उंचडीह, लासा, अदारी, कठार, जगदीशपुर, अमारा,माधोपुर, इमिलिया, रामपुर खुर्द, गुरगुजी, भिदुना, अगहुआ आदि गावों की बिजली आपूर्ति ठप रही। एसडीओ के छुट्टी पर रहने व जेई के वाराणसी मे होने के कारण रविवार को शाम तक सटडाऊन नहीं मिल पाया था। उधर इसकी जानकारी होते ही जेई वाराणसी से रात में ही पहुंचकर सटडाऊन दिए। इसके बाद लाईनमैनों ने काम शुरु किया। मेन सप्लाई रात में ठीक कर ली गई थी। लेकिन जंघई फीडर के एमबी रुरल व स्टेशन फीडर की सप्लाई दुरुस्त नहीं की जा सकी। जिसके कारण बिजली आपूर्ति पूरी रात बाधित रही। लेकिन सोमवार की सुबह नौ बजे तक कमियों को ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
तिलौरा गांव के पास मेन 33 हजार मेन लाईन पर बांस गिरने से सप्लाई बाधित हो गया था। मेन लाईन रात में ठीक करा दी गई थी। लेकिन जंघई फीडर की सप्लाई सुबह ही चालू हो पाया।-अमर सिंह पटेल, एसडीओ मछलीशहर