जौनपुर। शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों में 750 ट्रांसफार्मर जमींन पर रखे गए हैं। जिसमें से 525 ट्रांसफार्मर खुले में है। इनकी जाली नहीं लगाई गई है। वैसे तो यहां हर माह छोटी - छोटी घटनाएं होती रहती है। लेकिन बारिश के मौसम में बड़े हादसों की संभावनाएं बनी रहती है। बावजूद इसके बिजली विभाग इन ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने की कोई कवायद नहीं कर रहा है। इसके लिए विभाग बजट नहीं आन का रोना रोता रहता है।
जिले में कुल सवा चार लाख बिजली उपभोक्ता है। जिनको बिजली देने के लिए कम और अधिक क्षमता के कुल 48 हजार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। लेकिन विभाग द्वारा 100 केबीए से अधिक क्षमता वाले सभी ट्रांसफार्मरों को भूमि पर दो से तीन फीट ऊंचा चबूतरा बनाकर रखा गया है। इस दौरान जिले में 100 केबीए से अधिक क्षमता वाले लगभग कुल 750 ट्रांसफार्मरों को भूमि पर रखे गए हैं। जिसमें से लगभग 525 ट्रांसफार्मर खुले में रखे गए हैं। अकेले शहर क्षेत्र में 25 स्थानों पर जमींन पर ट्रांसफार्मर रखे गए हैं। जिसमें से छह स्थानों पर जमीन पर खुले में ट्रांसफार्मर रखे गए हैं। जिनको जाली से नहीं घेरा गया है। इस दौरान चाचकपुर, रुहट्टा, शशी हास्पीटल व प्रभा पेंट्रोल पंप आदि स्थानों पर खुले में ट्रांसफार्मर रखे गए हैं। लगभग यही स्थित ग्रामीण इलाकों में भी है। इन ट्रांसफार्मरों से हर समय दुर्घटना होने का डर बना हुआ है। लेकिन विभाग द्वारा ऐसे ट्रांसफार्मरों को घेरने की बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। लगता है बिजली विभाग को कोई बड़ा हादसा होने का इंतजार है। यही हाल रहा तो बारिश में इन ट्रांसफार्मरों से हादसा होना निश्चित है।
ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित करने के लिए अलग से कोई बजट नहीं आता है। मरम्मत के लिए आए पैसे में से ही ट्रासंफार्मरों को सुरक्षित करने का कार्य किया जाता है। आवश्यक स्थानों पर जमीन पर खुल में रखे ट्रांसफार्मरों को जाली से घेरने का कार्य शीघ्र ही किया जाएगा।-बीके गुप्ता, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम