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पीडब्ल्यूडी और नगरपालिकाओं में शुरू हुई मैनेज टेंडर की खेल

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जौनपुर। ठेके के बंदरबांट में जिले में विकास कार्य अवरुद्ध हो गया है। लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका के टेंडर विधायकों, सांसदों और ठेकेदारों की खींचतान में निरस्त कर दिए गए है। लोक निर्माण विभाग टेंडर को लेकर सांसद, विधायकों एवं पूर्व विधायक के बीच इस कदर खींचतान हुई कि अधिशासी अभियंता टेंडर निरस्त कर छुट्टी पर चले गए। नगरपालिका परिषद जौनपुर में भी एक चहेते को ठेका नहीं मिलने पर ठेकेदार ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त करा दी। अब ओपेन टेंडर कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।
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लोक निर्माण विभाग के तीनों खंडों में तकरीबन दस करोड़ की लागत से 300 निर्माण कार्यों का ठेका होना था। इसके लिए 29 मई को टेंडर खुलना था। अबकी बार शासन ने सांसदों और विधायकों को अलग-अलग विधानसभाओं में अपनी मर्जी से काम कराने को कहा है। प्रत्येक विधायक और सांसद को दो- दो विधानसभाएं दी गई हैं। पूर्व विधायिक सीमा द्विवेदी को यह बात बुरी लगी। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र मुंगराबादशाहपुर में काम उनके हिसाब से कराए जाएंगे न कि किसी सांसद के कहने पर। इस बात पर किचकिच हुई। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने ऐसी स्थिति में टेंडर निरस्त करना ही उचित समझा और मेडिकल लीव पर चले गए। जनप्रतिनिधियों की आपसी लड़ाई में बदलापुर, शाहगंज, जौनपुर सदर, केराकत एवं मुंगराबादशाहपुर विधानसभा के एक विकासखंड का भी टेंडर निरस्त कर दिया गया है। दस लाख रुपये से कम के काम होने के कारण मड़ियाहूं, मछलीशहर, मल्हनी, जफराबाद के ठेके जारी हो गए।
नगरपालिका परिषद में सड़क, नाली निर्माण आदि के 101 कामों सात करोड़ रुपये से अधिक का ठेका होना था। इसका टेंडर 28 मई को होना था लेकिन निरस्त कर दिया गया। अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र का कहना है कि अपरिहार्य कारणों से टेंडर निरस्त किया गया। सभासदों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के चहेते ठेकेदार को काम नहीं मिलने के कारण ठेका निरस्त किया गया। इसी मुद्दे पर एक जून को नगर पालिका परिषद की बैठक का सभासदों ने बहिष्कार किया। अब सात जून को टेंडर खोला जाएगा।
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सरकार की मंशा है कि दस लाख तक के टेंडर हारे-जीते जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर उनके प्रस्ताव पर ही दिए जाएं। इसी आधार पर मुंगराबादशाहपुर विधानसभा में तकरीबन एक करोड़ बारह लाख का टेंडर होना था। लेकिन इसमें एक सांसद के लोग बेवजह हस्तक्षेप करने लगे तो तकरीबन 17 लाख का कार्य उनके लिए छोड़ दिया गया है।
सीमा द्विवेदी
पूर्व विधायक

मेरे यहां से 52 कार्य होने थे। लेकिन अपरिहार्य कारणों से सभी टेंडर निरस्त कर दिए गए है। अब यह 6 एवं 7 जून को दोबारा टेंडर कराया जाएगा।-केजी सारस्वत, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
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