फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल अधीक्षक समेत छ: के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का वाद दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। जिला कारागार में दुष्कर्म के आरोप में बंद व्यक्ति की मौत के मामले में सीजेएम ने जेल अधीक्षक समेत छह लोगों पर गैर इरादतन हत्या और अन्य धाराओं में बाद दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोपी के अनुसूचित जाति का है। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है और आठ जून तक रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करने को कहा गया है।
विज्ञापन

केराकत के देवाकलपुर निवासी राजाराम ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि उसके पुत्र संजय पर दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया गया। उसके साथ सह अभियुक्त शिव कुमार भी जेल गया। शिवकुमार के घर वालों ने जमानत कराने के लिए एक लाख रुपए लिए। उनका कहना था कि लड़की से हलफनामा दिलवा दिया जाएगा और उच्च न्यायालय से जमानत हो जाएगी। कोर्ट में गवाही बदलवाने के लिए 10 लाख रुपए की मांग की गई। पैसे देने में असमर्थता जताने पर जेल में ही संजय को मरवा देने की धमकी दी गई। शिवकुमार का जेल में खतरनाक माफियाओं के साथ संबंध है। जेल अधीक्षक, वार्डन, जेल अधिकारी व कर्मचारी को भी भी रुपयों के लालच में साजिश में शामिल करके 28 मार्च को शिवकुमार, जेल के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा संजय को मारापीटा गया। नशीला पदार्थ भी खिलाया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल में संजय ने बताया कि उसे नशीला पदार्थ खिलाकर जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए उसके कपड़े फाड़कर शिवकुमार, जेल अधिकारी व कर्मचारी बुरी तरह मारापीटा। उसका गला दबाकर जान लेने की कोशिश की गई। किसी से कुछ भी कहने पर माता-पिता की हत्या की धमकी भी दी गई। इलाज के दौरान 31 मार्च को संजय की मृत्यु हो गई। जेल अधीक्षक अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर फर्जी ढंग से मौत के मनमाने तरीके से कागजात तैयार करा लिए। इसकी थाना लाइन बाजार व पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें