जौनपुर। भीषण गर्मी की वजह से अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। एक हजार से अधिक मरीज जिला चिकित्सालय में पहुंच रहे हैं। औसतन मलेरिया और अन्य रोगों से पीड़ित होकर 50 मरीज प्रतिदिन अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। सर्वाधिक संख्या लू से पीड़ित लोगों की है। बिजली कटौती से पंखे नहीं चलने से मरीजों की हालत बदतर हो जा रही है।
हवा के कम दबाव के कारण आसमान आग उगल रहा है। गर्म हवा के चलते लोग बाहर निकलते बेचैन हो जा रहे हैं। गर्मी से हो रही विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होकर लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो अकेले जिला चिकित्सालय के ओपीडी में लू, डायरिया और अन्य गर्मी जनित बीमारियों से पीड़ित होकर एक हजार से अधिक लोग प्रतिदिन इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों ने बताया कि ओपीडी में दिखाने के लिए पर्चा बनवाने में दो घंटे लग जा रहे हैं। चिकित्सक को दिखाने तक चार से पांच घंटे लग जा रहे हैं। आने वाले अधिकांश लोग वायरल बुखार, डायरिया, एलर्जी से पीड़ित हैं। सर्दी, जुकाम और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी अधिक है। गुरुवार को महिलाएं, पुरुष और बच्चे घंटों से लाइनों में खड़े देखे गए। कई मरीज तो गर्मी में चक्कर खाकर गिर पड़े। सर्वाधिक ओपीडी फिजीशियन और बालरोग विभाग में हो रही है। चिकित्सक भी मरीजों को काम चलताऊ दवा लिखकर आगे बढ़ा दे रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि चिकित्सक उन्हें ठीक से नहीं देख रहे हैं दवाइयां भी बाहर की लिखकर दे रहे हैं। वहीं दलालों के माध्यम से गए मरीजों को चिकित्सक जांच में पंद्रह मिनट से अधिक समय देकर दवाइयां भी जिला अस्पताल से ही उपलब्ध करा रहे हैं। मरीजों का कहना रहा कि बिजली कटते ही पंखे बंद हो जा रहे हैं जबकि अस्पताल में मौजूद जनरेटर काफी देर बाद चलाया जा रहा है जिससे मरीज बेचैन हो जा रहे हैं।
1200 से अधिक पहुंची मरीजों की संख्या
जौनपुर। आकड़ों पर गौर करें तो ओपीडी का पर्चा 14 मई को 1177, 15 को 1007, 16 को 1051, 17 को 1037, 18 को 985, 19 को 878, 21 को 1205, 22 को 1058, 23 को 885, 24 को 943 मरीजों ने बनवाया। उधर 17 मई को 44 मरीज भर्ती हुए जिसमें आठ डायरिया और छह बुखार से पीड़ित थे। 18 मई को 54 भर्ती मराजों में से छह डायरिया और पांच बुखार से पीड़ित थे। 19 को 54 भर्ती हुए जिमसें सात डायरिया, चार बुखार से, 20 को 21 मरीज भर्ती हुए जिसमें तीन डायरिया व 5पांच बुखार से, 22 को 44 मरीज भर्ती हुए जिसमें चार डायरिया व तीन बुखार से, 23 को 46 मरीज भर्ती हुए जिसमें पांच डायरिया व चार बुखार से, 24 मई को 3 बजे तक 36 मरीज भर्ती हुए जिसमें तीन डायरिया व दो बुखार के शामिल थे।
चिकित्सकों की है कमी
जौनपुर। जिला अस्पताल में 27 डाक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। जिसमें 15 डाक्टर ही तैनात हैं। उसमें भी संविदा के डाक्टर शामिल हैं। दो ऱ्जनरल फिजीशियन, दो सर्जन चाहिए लेकिन इनकी संख्या एक-एक है। ईएनटी सर्जन कोई नहीं है। रेडियोलॉजसिस्ट भी एक हैं। इस तरह डाक्टरों का टोटा है। इसकी वजह से मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है।
गर्मी की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों की कमी है। इसकी वजह से दिक्कत आ रही है। सीमित संसाधनों में बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। - डा. एसके पांडेय, सीएमएस, जिला चिकित्सालय, जौनपुर