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सभी तहसीलों में खतौनी से रोज हो रही छह हजार की अतिरिक्त वसूली

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जौनपुर। जिले के सभी तहसीलों में कंप्यूटरीकृत खतौनी निकालने के नाम पर पांच रुपये अतिरिक्त धनराशि वसूली जा रही है। जिले की छह तहसीलों में हर रोज तकरीबन 1200 खतौनी काश्तकार निकालते हैं। ऐसे में हर रोज छह हजार रुपये की वसूली हो रही है। प्रश्न यह है कि यह वसूली किसके इशारे पर की जा रही है। यह लोगों के लिए यक्षप्रश्न बना हुआ है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब सोमवार को बरसठी के पिलकथुआ निवासी रमेश चंद व आशीष सिंह से मड़ियाहूं तहसील में ई-खतौनी के लिए कंप्यूटर आपरेटर ने 20 रुपये की मांग की तो काश्तकारों ने हंगामा कर दिया। आखिर में काश्तकारों को बिना खतौनी के ही वापस लौटना पड़ा।
जिले में छह तहसील केराकत, शाहगंज, मड़ियाहूं, बदलापुर, मछलीशहर व सदर है। इन तहसीलों में तकरीबन एक दिन में 1200 कंप्यूटरीकृत खतौनी किसानों एवं काश्तकारों द्वारा निकाली जाती है। इसके लिए बोर्ड भी लगाया गया है। जिस पर दर लिखा तो गया है। लेकिन वसूली करने वालों ने इसे मिटा दिया है। किसानों को खतौनी की नकल देने के लिए 15 रुपये शुल्क शासन से निर्धारित किया गया है। लेकिन कंप्यूटर आपरेटर द्वारा खतौनी की नकल देने में 20 रुपये लिए जा रहे हैं। जिससे एक दिन में सभी तहसीलों से छह हजार रुपये अतिरिक्त वसूली किसके इशारे पर की जा रही है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। अकेले मड़ियाहूं तहसील में कम्प्यूटरीकृत खतौनी देने के नाम पर एक साल में चार लाख रुपये की वसूली की जा रही है। अगर कोई किसान विरोध कर दिया तो उसकी खैर नहीं है। आपरेटर किसानों से मारपीट कर देते है और खतौनी की नकल भी नहीं देते हैं। सोमवार को उस समय देखने को मिला जब बरसठी के पिलकथुआ निवासी रमेश चंद व आशीष सिंह मड़ियाहूं तहसील में ई-खतौनी की नकल लेने गए। इस दौरान कंप्यूटर आपरेटर द्वारा 20 रुपये की मांग करने पर दोनों किसान भड़क गए। दोनों किसान कंप्यूटर आपरेटर को निर्धारित शुल्क 15 रुपये दे रहे थे। लेकिन वह 20 रुपये से कम लेने के लिए तैयार नहीं था। जिससे दोनों किसान खिड़की पर ही भ्रष्टाचार की दुहाई देते हुए हंगामा कर दिया। लेकिन आखिरकार दोनों किसानों को बिना खतौनी की नकल लिए ही वापस लौटना पड़ा। मड़ियाहूं बार एशोसिएशन के अध्यक्ष रामलखन पटेल, अधिवक्ता अनीसुर्रहमान ने कहा कि संघ द्वारा दबाव देकर रेट बोर्ड लगवाया गया। बावजूद इसके अधिकारियों के भ्रष्टाचार के चलते रेट से अधिक 20 रुपये में खतौनी लगातार मिल रही है। तहसीलदार मदन मोहन वर्मा ने बताया कि काश्तकारों की खतौनी की कीमत 15 रुपये ही है। अगर कोई काश्तकार शिकायत करता है तो उसका पैसा वापस करा दूंगा।
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सभी एसडीएम को निर्धारित दर का बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया गया है। अगर कोई अधिक शुल्क ले रहा है तो लिखित शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ जांच कर कार्रवाई होगी। आवश्यक हुआ तो केस भी दर्ज कराया जाएगा।
अरविंद मलप्पा बंगारी
डीएम जौनपुर
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