जौनपुर। विधिक सहायता एससी एसटी फोरम जौनपुर और भारतीय जनसेवा आश्रम बदलापुर के पदाधिकारी और सदस्यों ने विश्व श्रम दिवस को प्रतिरोध दिवस के रूप में माया। दलित उत्पीडन निवारण अधिनियम में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किए गए संसोधन समेत पीएम मोदी और कानून मंत्री को संबोधित चार सूत्री पत्रक मजिस्ट्रेट को सौंपा।
मजिस्ट्रेट को सौंपे गए पत्रक में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ द्वारा 20 मार्च 2018 को एससी एसटी कानून के संदर्भ में फिर से विचार करना चाहिए। पत्रक में कहा गया है कि इस विशेष कानून की सही व्याख्या के लिए अटार्नी जनरल या सालिसिटर जनरल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की वृहद बेंच के सामने रखा जाए। केंद्र सरकार से मांग की गई है कि एससी एसटी कानून में किए गए संशोधन को निरस्त करने की कर्यवाही की जाए और केंद्र सरकार भविष्य में कानून के साथ इस तरह होने वाले छेड़छाड़ को बचाने के लिए एससी एसटी एक्ट को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 31 बी के तहत नौवीं अनूसूची में रखने की पहल करे। इसके अलावा दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए निर्दोष मानवाधिकार कार्यकर्ताओं एवं अनुसूचित जाति जनन जाति सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिना किसी शर्त रिहा किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में लालजी चक्रवर्ती, दयाशंकर एडवोकेट, रेखा गौतम एडवोकेट, दौलत राम, रामकिशोर, अंजू एडवोकेट, राजेश, राजकुमारी, हीरालाल सोनिया, अरुण कुमार, जितेंद्र कुमार, राममिलन आदि मौजूद थे।
नई पेंशन नीति के विरोध में मनाया काला दिवस
जौनपुर। कलेक्ट्रेट में कर्मचारियों ने नई पेंशन नीति के विरोध में आम सभा का मजदूर दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की करनी और कथनी में अंतर है। राज्य कर्मचारी, शिक्षक संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक सीबी सिंह ने मई दिवस पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए मजदूर हितों के लिए किए गए बलिदान से सबक लेते हुए सभी केंद्र, राज्य कर्मचारी, शिक्षक को संकल्प दिलाया।
सद्बुद्घि यज्ञ का आयोजन
जौनपुर। मजदूर दिवस के मौके पर टीचर्स इम्प्लाइज वेलफेयर कमेटी के सदस्यों ने टीडी कालेज स्थित मारूति मंदिर पर पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सद्बुद्घि यज्ञ का आयोजन किया। उपस्थित लोगों ने यज्ञ में नई पेंशन नीति की आहूति देने की अपील किया और कहा कि राजनीतिक पार्टी चुनाव प्रचार में जितना धन खर्च कर देती है। उतने में लाखों, शिक्षकों, कर्मचारियों को जीवन पर्यंत पेंशन दी जा सकती है।