जौनपुर। जेसीज चौराहे पर नगर पालिका ने कूड़ा नहीं फेंकने पर दंडित करने का बोर्ड लगाया है और पालिका के कर्मचारी शनिवार को दोपहर वहीं कूड़ा डंप किया और आग लगा दी। इस पर क्षेत्रीय लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। कर्मचारियों को बैठा लिया। अधिकारियों को फोन पर इसकी सूचना दी। हंगामे की सूचना से नगर पालिका के अधिकारियों के हाथपांव फूल गए क्योंकि नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना शहर में थे। ऐसे में आनन-फानन टैंकर भेजकर जलते हुए कूड़े को बुझाया गया और सफाई कराई गई।
जेसीज चौराहा से गोमती नदी का शास्त्री पुल कूड़ा डंपिंग जोन बन गया है। यहां कूड़े को गिराकर उसमें आग लगा दी जाती है। इसके विरूद्घ हाईकोर्ट में लोगों ने जनहित याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने नगर पालिका को सख्त निर्देश दिया कि जिसके बाद नगर पालिका ने एक छोटा सा बोर्ड लगाया कि यहां कूड़ा न गिराएं। लेकिन कूड़े गिराने और जलाने पर रोक नहीं लग सकी। शनिवार को प्रदेश के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव शहर में थे। और गोमती घाट का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान किसी ने कूड़े में आग लगा दी। कूड़े के धूएं से परेशान लोग आग बुझाने पहुंचे उसी दरमियान नगर पालिका की एक गाड़ी कूड़ा लेकर पहुंच गई और वहां कूड़ा जलती हुई आग पर गिराने लगी। इसी लोग आक्रोशित हो गए और रोक दिया। कर्मचारियों और लोगों के बीच किचकिच हुई। लोगों ने इसकी सूचना जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को दी। उधर नगर पालिका के कर्मचारी गाड़ी लेकर भागने लगे। इस दौरान वह एक ऑटो से भीड़ गए जिसमें लोगों को हल्की चोटें आई। प्रश्न यह है कि आखिर किसके इशारे पर शहर का कूड़ा जेसीज चौराहे पर गिराया जा रहा है। आग लगाने वाले कौन लोग हैं? जो भी हो लोगों के विरोध के बाद अधिकारियों की नींद टूटी और टैंकर मंगाकर आग बुझाया गया और कूड़ा स्थल को मिट्टी गिराकर जेसीबी से समतल कराया गया। हाईकोर्ट के मनाही के बाद भी नगर पालिका की यह कार्य प्रणाली है जिसको लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मामला संज्ञान में आने के बाद जेसीबी भेजकर समतल कराया गया और टैंकर भेजकर आग बुझाई गई। कूड़े पर मिट्टी गिराया गया है। कूड़ा गिराने के दोषी चालक का दो दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है।-कृष्ण चंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, जौनपुर