जौनपुर। गर्मी में पानी नहीं मिलने पर लोग व्याकुल हो जा रहे हैं। मगर शहर में राहगीर को प्यास लग जाए तो बोतलबंद पानी खरीदने के सिवाय उसके पास कोई विकल्प नहीं है। नगर पालिका की ओर से न तो सार्वजनिक नल लगे हैं और न ही प्याऊ का इंतजाम किया गया है। कचहरी, रोडवेज और निजी वाहन स्टैंडों पर भी पेयजल का प्रबंध नहीं है।
नगर क्षेत्र की आबादी लगभग दो लाख 45 हजार है। इसके अलावा रोजाना कचहरी और बाजार आदि के कार्यों से हजारों लोग मुख्यालय पर आते हैं। सरकारी दफ्तरों में भी पेयजल का उचित बंदोबस्त नहीं है। शहर के प्रमुख चौराहों पर हर समय भीड़ लगी रहती है। रोडवेज, निजी वाहन स्टैंड व दो रेलवे स्टेशन पर हर समय भीड़ रहती है। यदि शहर की सड़कों पर कोई जा रहा हो और उसे प्यास लग जाए तो बोतल बंद पानी खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। रिक्शा, ठेल चलाने वालों के समाने भी पेयजल की दिक्कत है। सार्वजनिक स्थानों पर कहीं-कहीं हैंडपंप है। नगर पालिका की ओर से सड़कों के किनारे पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है। रोडवेज और निजी वाहन स्टैंडों पर भी ऐसा ही हाल है। नगर पालिका ने गर्मी को देखते हुए कहीं भी पेयजल के लिए प्याऊ तक का बंदोबस्त नहीं किया है। रोडवेज, रेलवे स्टेशनों, कोतवाली, जेसीज, पालिटेक्निक, लाइन बाजार, ओलंदगंज और कलेक्ट्रेट आदि प्रमुख चौराहों पर न तो सार्वजनिक नल है और न प्याऊ। आमतौर पर हर साल गर्मी में सामाजिक संस्थाएं प्याऊ की व्यवस्था करती थीं लेकिन इस बार उनकी ओर से भी पहल नहीं दिख रही है। गर्मी के दिनों में पानी की कमी से ही लोगों को लू लगने की आशंका रहती है।