सिरकोनी। क्षेत्र के ग्राम मसऊदपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शौचालय नहीं बनवाए जाने से छात्रों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। हालत यह है कि स्कूल में पेयजल के लिए हैंडपंप भी नहीं लगाया है। गांव के रामा सिंह चौहान बताते है कि अभी तक शौचालय नाम पर मात्र लोगों के घरों में ही बने हैं। महिलाओं को खुले में शौच जाना पड़ता है। विद्यालय में तो शौचालय नहीं बना, परन्तु गांव में सरकारी शौचलय बना है जो बेकार पड़ा हुआ है। केन्द्र सरकार ने दो अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान शुरू करने के बाद देश के प्रत्येक स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय का निर्माण कराया जाना था। ग्रामीणजन बताते हैं कि गांव में नियुक्त सफाई कर्मी कभी आता ही नहीं है। जिसके कारण गांव का सारा गंदा पानी जिस नाली से निकलता है वह कूड़े से पट गया है। पानी सड़क पर बहता है। जिससे लोगों को उसी सड़क पर से आना जाना पड़ता है। शिक्षिका मुसर्रफ बानो ने बताया कि शौचालय न होने से बहुत दिक्कत होती है। स्कूल में किचन न होने के कारण स्टाफ की आफिस में बच्चों का खाना बनवाना पड़ता है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया की स्कूल की जमीन विवादित है। जिससे चाहकर भी स्कूल में शौचालय, पेयजल एवं किचन का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। पैमाइश से लिए कई बार उप जिलाधिकारी सदर को पत्र दिया गया लेकिन अभी तक जमीन विवाद हल नहीं कराया जा सका।